10 Government Schemes of UP- 2025-26

उत्तर प्रदेश की 10 सरकारी योजनाएँ 2025-26 (Pure Guide)

uttar pradesh government schemes 2025-26
उत्तर प्रदेश की 10 सरकारी योजनाएँ और 2025–26 में मिलने वाले बड़े लाभ

 परिचय (Introduction)

उत्तर प्रदेश (UP) भारत का सबसे बड़ा राज्य है जहाँ लोगों की जीवन गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार हर साल नई योजनाएँ लाती है।
2025-26 में भी उत्तर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएँ शुरू की हैं, जो ग्रामीण, बेरोज़गार, किसान, महिलाओं और हर वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक हैं।

इस लेख में हम सबसे महत्वपूर्ण 10 सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे, ताकि आप खुद या अपने परिवार के लिए लाभ उठा सकें।

UP Government Schemes 2025–26 – Quick Overview

Scheme Name Category Benefit Who Can Apply
CM Yuva Udyami Yojana Business Loan + Subsidy Unemployed Youth
Kanya Sumangala Yojana Women ₹15,000 assistance Girls
Free Coaching Scheme Education Free Coaching SC/ST/OBC
Rojgar Mela Employment Direct Job Youth
Farmer Loan Waiver Agriculture Loan Relief Farmers

Up government schemes list

1. मुख्यमंत्री युवा योजना – रोजगार समर्थन

यह योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोज़गार और कौशल विकास के अवसर प्रदान करती है।
युवा बेरोज़गारों को training के साथ रोजगार की तैयारी में मदद मिलती है।

अगर आप रोजगार और बिजनेस के अवसर जानना चाहते हैं, तो यह भी देखें:
https://www.setmoneyinvest.com/small-business-ideas-2025/

2. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना

यह योजना लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए है।
इसमें शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता शामिल है।

3. किसान सशक्तिकरण सहायता

यह योजना किसानों के लिए है जहाँ उन्हें खेती, उर्वरक, मशीनरी, बीज और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।

कृषि से जुड़ी अन्य बिजनेस गाइड पढ़ें:
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4. वृद्ध पेंशन योजना

वृद्ध नागरिकों के लिए सरकारी पेंशन का प्रावधान होता है ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहे।

5. महिला सशक्तिकरण योजना

महिलाओं के लिए स्वरोज़गार सहायता, प्रशिक्षण और लोन में सहूलियत प्रदान करती है।

👉 महिलाओं के लिए घर बैठे बिजनेस आइडिया देखें:
https://www.setmoneyinvest.com/small-business-ideas-at-home-for-ladies-in-2025/

6. मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना

सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं ताकि स्वास्थ्य सस्ता और सुलभ हो।

7. बिजली सब्सिडी योजना

गरीब और मध्य वर्ग के लिए बिजली के बिल पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे खर्च कम होता है।

8. आवास सहायता योजना

ग़रीबों को घर/आवास बनाने में आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना है।

9. शिक्षा सहायता योजना

छात्रों को शिक्षा, ट्यूशन और अध्ययन सामग्री पर मदद देने वाली योजना।

10. प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना (UP के लिए विशेष प्रोत्साहन)

युवा, महिलाओं और छोटे व्यवसायों को Loan देकर व्यवसाय शुरू करने में सहायता करती है।

👉 इसके बारे में विस्तार से पढ़ें:
https://www.setmoneyinvest.com/business-funding-schemes-of-india/

 उत्तर प्रदेश योजनाओं का प्रभाव

🔹 बेरोज़गारी में कमी
🔹 ग्रामीण विकास
🔹 महिलाओं की भागीदारी
🔹 किसान सशक्तिकरण
🔹 स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार

 कैसे आवेदन करें?

• योजना की आधिकारिक वेबसाइट
• नजदीकी सरकारी कार्यालय
• CSC (Common Service Center) से सहायता

सरकारी योजनाओं पर अन्य लेख पढ़ें:
https://www.setmoneyinvest.com/top-7-sarkari-swarojgar-loan-yojnayen/

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  दूसरे कार्यकाल के दौरान, उत्तर प्रदेश सरकार ने अनेक योजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं का प्रभाव आम जनता के जीवन पर पड़ा है और यह अब वास्तविकता में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की ऐसी 10 महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जिन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।

Uttar Pradesh सरकार की कुछ ऐसी ही सरकारी योजनाओं के बारे में जिनसे लोगों को वित्तीय सहायता भी मिली।

          1. युवा उद्यमी योजना

      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की शुरुआत करने जा रही है, जिसके अंतर्गत युवाओं को उद्यमिता के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करना और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत 8वीं कक्षा पास युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जाता है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना कर युवाओं को आत्म-रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

ब्याजमुक्त I5 लाख का लोन:

इस योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म उद्यम और सेवा क्षेत्र को समर्थन प्रदान करना है, जिसमें 5 लाख रुपये तक के परियोजनाओं के लिए ऋण पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। विशेष रूप से बुंदेलखंड, पूर्वांचल और आकांक्षी जिलों के लाभार्थियों को इस योजना से विशेष लाभ प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रति लेनदेन 1 रुपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा, जो कि सालाना अधिकतम 2,000 रुपये तक सीमित होगा।

   2.  मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना 2024

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना 2024: केंद्र और राज्य सरकारें साक्षरता दर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करेंगी जिसके तहत विभिन्न नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसी संदर्भ में, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत की है। यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अन्य राज्यों या जिलों में ना जाना पड़े।     उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी अच्छी तैयारी कर नौकरी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका भविष्य बेहतर होगा। इस योजना के कार्यान्वयन से उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के शैक्षणिक अनुभव में सुधार होगा। अभ्युदय योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों द्वारा उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और मार्गदर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

     3. युवा कौशल विकास मिशन

उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी युवाओं के लिए, जो आर्थिक या अन्य कारणों से कक्षा-5 के बाद औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं, और जो शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद किसी विशेष क्षेत्र में ज्ञान की कमी के कारण बेरोजगार हैं, निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं और सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से निःशुल्क अल्पकालिक रोजगारपरक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।     इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास प्रशिक्षण में संलग्न राज्य और केंद्र सरकार द्वारा स्थापित संस्थाओं के प्रयासों को समन्वित करना, सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थाओं की सहभागिता से 14 से 35 वर्ष के युवाओं को रोजगार से संबंधित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना, और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले समूह में कम से कम 60 प्रतिशत को वेतनभोगी रोजगार या स्वरोजगार में सक्षम बनाना है, ताकि वे राष्ट्र की प्रगति में योगदान कर सकें। उद्देश:

  1. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास प्रशिक्षण में संलग्न राज्य और केंद्र सरकार की संस्थाओं के प्रयासों को समन्वित करना है।
  2. सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थाओं के सहयोग से 14 से 35 वर्ष के युवाओं को रोजगार से संबंधित निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  3. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को वेतनभोगी रोजगार या स्वरोजगार में सक्षम बनाना, ताकि वे राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान कर सकें।
  4. मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ यह अनुबंध किया है कि 70 प्रतिशत लाभार्थियों को रोजगार से जोड़ा जाएगा, अन्यथा प्रशिक्षण की 20 प्रतिशत धनराशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  5. इस प्रकार, कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और आर्थिक विकास में योगदान देना है।

        4. आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा 2018 में आरंभ की गई एक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है, जो अस्पताल में भर्ती होने की लागत को कवर करता है। यह योजना लाभार्थियों को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों के माध्यम से कैशलेस सेवाएं प्रदान करती है।

आयुष्मान भारत योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:

1. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाना।2. सामाजिक सुरक्षा: स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के कारण गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना।3. बीमारी की पहचान और उपचार: गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग, और अन्य बीमारियों का सही समय पर निदान और उपचार करना। इसे भी पढ़ें 

        5. कन्या सुमंगला योजना

       कन्या सुमंगला योजना, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य कन्याओं के जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना 2019 में लागू की गई थी और इसका प्राथमिक लक्ष्य लिंग समानता को बढ़ावा देना है, जिससे समाज में कन्याओं की स्थिति को सशक्त बनाया जा सके।

प्रमुख बिंदु:

1. लाभार्थियों का चयन    यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है। इस चयन प्रक्रिया के माध्यम से, सरकार उन परिवारों को प्राथमिकता देती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें इस सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है। 2. आर्थिक सहायता

  •   योजना के तहत कन्या के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  •   पहली किस्त कन्या के जन्म पर दी जाती है, जिससे परिवार को प्रारंभिक खर्चों में मदद मिलती है।
  •   दूसरी किस्त गर्भावस्था के दौरान दी जाती है, जिससे मातृ स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके।
  •   तीसरी किस्त प्रारंभिक शिक्षा में दी जाती है, ताकि कन्या को स्कूल में दाखिला लेने और शिक्षा प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।

अंतिम किस्त उच्च शिक्षा के लिए दी जाती है, जिससे कन्या अपनी पढ़ाई को जारी रख सके और आत्मनिर्भर बन सके।

3. शिक्षा पर जोर

  •    इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य कन्याओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा के माध्यम से कन्याओं को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस योजना का मुख्य आधार है।
  •   इसके अंतर्गत, कन्याओं को न केवल स्कूल स्तर पर बल्कि उच्च शिक्षा में भी प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।

4. स्वास्थ्य और पोषण    योजना के अंतर्गत मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए परिवारों को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे कन्याओं का जन्म स्वस्थ और सुरक्षित हो सके

   6. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

 मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने में सहायता प्रदान करना है। यह योजना उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी बेटियों की शादी में समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

 प्रमुख विशेषताएँ:

1. सामूहिक विवाह समारोह: इस योजना के अंतर्गत, सरकार सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन करती है, जिसमें कई जोड़े एक साथ विवाह बंधन में बंधते हैं। इससे शादी के खर्चों में काफी कमी आती है। 2. आर्थिक सहायता: योजना के तहत, जोड़ों को विवाह के लिए एक निश्चित राशि (जैसे, 51,000 रुपये) प्रदान की जाती है, जो कि पहले 35,000 Rs थी, जिससे परिवारों को विवाह के खर्चों को संभालने में मदद मिलती है।

3. पात्रता:

लाभार्थियों को आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होना चाहिए।

   7. अम्बेडकर विशेष रोज़गार योजना

इस योजना के अंतर्गत युवाओं को स्वरोज़गार के लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें। यह सहायता ऋण, अनुदान या अन्य वित्तीय साधनों के रूप में हो सकती है। 1. लाभार्थियों का चयन: इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर अनुसूचित जातियों और उन लोगों के लिए है, जिनके पास सीमित रोजगार के अवसर हैं।

2. स्वयं रोजगार और कौशल प्रशिक्षण

योजना के अंतर्गत, लाभार्थियों को विभिन्न व्यवसायों के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।    इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वयं रोजगार के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।

3. वित्तीय सहायता

योजना के अंतर्गत, लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकें।   इस आर्थिक सहायता के तहत बैंकों से लोन लेने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। 4. संवेदनशीलता और जागरूकता    योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह लाभार्थियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक करती है। इसके तहत विभिन्न कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोग योजना के लाभों को समझ सकें और उनका सही उपयोग कर सकें। 5. समुदाय आधारित विकास   अम्बेडकर विशेष रोजगार योजना का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत विकास नहीं है, बल्कि यह समुदाय के समग्र विकास पर भी ध्यान केंद्रित करती है। योजना के तहत, समूहों के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है।

6. निगरानी और मूल्यांकन

योजना की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल रही है और योजना के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है।

7. सहयोगी संस्थाएँ: 

इस योजना के कार्यान्वयन में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं का सहयोग लिया जाता है। ये संस्थाएँ प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और अन्य संसाधनों के माध्यम से लाभार्थियों की मदद करती हैं।

8. मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार योजना

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो कोरोनावायरस के कारण अपनी नौकरी खो चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत, सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सके।

निष्कर्ष:

अम्बेडकर विशेष रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। यह योजना न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता और न्याय की भावना को भी बढ़ावा देती है। बाबा भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों के अनुरूप, यह योजना समाज के हर वर्ग के लिए एक बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।    

योजना के मुख्य उद्देश्य:

बेरोजगारी का समाधान:  कोरोनावायरस के कारण उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या को दूर करना। 2. स्वरोजगार को बढ़ावा: युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें आवश्यक संसाधन प्रदान करने के लिए लोन की व्यवस्था करना। 3. स्थानीय श्रमिकों का समर्थन: विशेष रूप से उन श्रमिकों को प्राथमिकता देना जो अन्य राज्यों में काम कर रहे थे और अब अपने घर लौट आए हैं।

लाभार्थियों के लिए लाभ:

1. वित्तीय सहायता: योजना के तहत युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने उद्यम को स्थापित कर सकें।

2. प्रशिक्षण और कौशल विकास:  युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी कौशल में वृद्धि हो सके और वे बेहतर तरीके से अपने व्यवसाय का संचालन कर सकें।

3. मार्केटिंग सहायता: सरकार द्वारा युवाओं को अपने उत्पादों और सेवाओं की मार्केटिंग में सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें।

4. सूचना और संसाधन: योजना के तहत युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और संसाधनों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें।

योजना का कार्यान्वयन:

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया है। स्थानीय निकायों और पंचायतों के माध्यम से योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा इस योजना

    9. मुफ़्त बोरिंग व नलकूप योजना

     भारत के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं, और यह सच है कि कृषि कार्य के लिए जल की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश, जो कि भारत के सबसे बड़े कृषि उत्पादक राज्यों में से एक है, में किसानों को समय पर वर्षा न होने के कारण सिंचाई की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने “मुफ्त बोरिंग योजना 2024” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य किसानों को बोरिंग की सुविधा प्रदान करना है।  इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन किसानों की मदद करना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास बोरिंग के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में ऐसे किसान हैं जो अपनी फसलों की सिंचाई के लिए बोरिंग की सुविधा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, उनकी फसलें सूख जाती हैं या खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है और उनकी जीवनशैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

योजना के प्रमुख बिंदु:

1. लाभार्थियों की पहचान:  योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास बोरिंग कराने के लिए आवश्यक धन नहीं है। सरकार द्वारा विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। 2. बोरिंग की सुविधा: योजना के तहत, किसानों को मुफ्त में बोरिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे उन्हें अपने खेतों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी फसलें सुरक्षित रहेंगी। 3. जल संरक्षण: इस योजना के माध्यम से जल का सही उपयोग और संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को जल प्रबंधन के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि वे जल का सही उपयोग कर सकें। 4. आर्थिक सहायता:इसके अलावा, योजना के तहत किसानों को अन्य आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी, जैसे कि कृषि उपकरणों की खरीद के लिए सब्सिडी और फसल बीमा। 5. प्रशिक्षण और जागरूकता: किसानों को बोरिंग और जल प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपनी फसलों की सिंचाई के लिए बेहतर तरीके अपना सकें।

10. UP  इंटर्न्शिप ( Internship) योजना

उत्तर प्रदेश इंटर्नशिप योजना ऑनलाइन आवेदन 2023: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 9 फरवरी 2020 को गोरखपुर विश्वविद्यालय में श्रम एवं रोजगार मेले के दौरान युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए UP Internship Yojana की शुरुआत की थी।

  1. इस योजना के अंतर्गत इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को सरकार द्वारा हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी,
  2. जिसमें ₹1500 की राशि केंद्र सरकार और ₹1000 की राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
  3. इस योजना के तहत युवाओं को 6 महीने या 1 वर्ष की प्रशिक्षण अवधि पूरी करनी होगी।
  4. इस इंटर्नशिप प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में भी सहायता दी जाएगी।
  5. इस योजना का लाभ 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन पास सभी छात्र-छात्राएं उठा सकते हैं।

Fast Asking Question ( FAQ)

Q. 2024 में केंद्र सरकार की नई योजना क्या है?

सितंबर, 2024 को आयुष्मान भारत योजना के विस्तार को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत अब देश के 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्ग नागरिकों को, चाहे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।30-12जाएगा

Q. बिहार में नई सरकारी योजना क्या है?

मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत, बिहार सरकार प्रत्येक बेरोजगार युवा (20 से 25 वर्ष) को नौकरी प्राप्त करने के लिए दो वर्षों के लिए 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेप्रदानQ.

Q. बेटियों के लिए सबसे अच्छी योजना क्या है?

  1. बेटी को सुरक्षित रखो और उसकी शिक्षा को बढ़ावा दो
  2. सुकन्या समृद्धि योजना
  3. बालिका समृद्धि योजना
  4. CBSE उड़ान योजना
  5. माध्यमिक शिक्षा हेतु लड़कियों के लिए प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना
  6. धनलक्ष्मी योजना
  7. राज्य सरकार की बालिका योजनाएं
  8. कर्नाटक भाग्यश्री योजना

Q. ग़रीबों को मकान कैसे मिलता है?

पीएम आवास योजना के माध्यम से सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को सहायता प्रदान कर उनके लिए स्थायी आवास की व्यवस्था करती है। इस योजना के तहत योग्य व्यक्तियों को घर निर्माण के लिए सरकारी वित्तीय सहायता दी जाती है। चाहे वह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण, इस योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लिए सरकारी सहायता प्रदान की जाती है।

Q. क्या किसी भी व्यक्ति को ये योजनाएँ मिल सकती हैं?

कुछ योजनाओं के लिए पात्रता आवश्यक होती है, जैसे आय, उम्र और निवास प्रमाण।

Q. आवेदन कैसे करें?

सरकारी पोर्टल या नजदीकी अधिकारी से सहायता लेकर कर सकते हैं।

Q. क्या सभी योजनाएँ मुफ्त हैं?

नहीं, कुछ योजनाओं में documents और eligibility का पालन जरूरी है।

संक्षेप में,

तो इस तरह से हमने आपको उत्तर प्रदेश सरकार की आम जनता के आर्थिक, वित्तीय व सम्मान और रोज़गार उन्मुक्त योजनाओं का बताया जो बिना किसी भेदभाव सही तरीक़े से लागू है जिससे UP की आम जनता ने भरपूर लाभ उठा रही है।

disclaimer: दोस्तो हमने ये जो आर्टिकल लिखा है ये पत्र पत्रिकाओं, न्यूज़, आदि से निष्कर्ष निकालकर लिखा है। हमारा पूरा प्रयास रहता है की हम आपके पास सही और उचित सूचना प्रदान करे लेकिन फिर भी  इसमें यदि कोई त्रुटि हो जाती है तो हम ज़िम्मेदार नहीं होंगे । यदि ये आर्टिकल आपको अच्छा लगे तो कॉमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।

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