Cashless treatment of 1.5 lacks on Road Accident

केंद्र सरकार की योजना

रोड एक्सीडेंट में कैशलेस इलाज 2025 – पूरी जानकारी हिंदी में

भूमिका (Introduction)

Cashless treatment after road accident in India with immediate medical support
Cashless Treatment After Road Accident
Get Immediate Medical Care Without Paying Money

भारत में सड़क दुर्घटनाएँ अचानक और बिना चेतावनी के हो जाती हैं।
ऐसे समय में सबसे बड़ी परेशानी होती है इलाज का खर्च

इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार और बीमा कंपनियाँ Cashless Treatment Facility देती हैं, ताकि मरीज को इलाज के समय पैसे की चिंता न करनी पड़े।

इस लेख में आप जानेंगे:

  • कैशलेस इलाज क्या है
  • रोड एक्सीडेंट में यह कैसे मिलता है
  • कौन पात्र होता है
  • किन दस्तावेज़ों की जरूरत होती है

कैशलेस इलाज क्या होता है?

Cashless Treatment का मतलब है कि अस्पताल का खर्च मरीज को नहीं देना पड़ता।
यह खर्च बीमा कंपनी या सरकारी योजना सीधे अस्पताल को देती है।

इसका फायदा यह है कि:

  • इलाज तुरंत शुरू हो जाता है
  • पैसों की चिंता नहीं रहती
  • परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता

रोड एक्सीडेंट में कैशलेस इलाज किसे मिलता है?

 1. जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस है

अगर आपके पास Health Insurance है और अस्पताल network में है, तो आप कैशलेस इलाज ले सकते हैं।

 2. सरकारी सहायता योजनाओं के अंतर्गत

कुछ राज्यों में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को सरकारी सहायता भी दी जाती है।

👉 सरकारी योजनाओं की जानकारी यहाँ देखें:
https://www.setmoneyinvest.com/berojgaron-ke-liye-sarkari-yojana-2025/

कैशलेस इलाज की प्रक्रिया (Step-by-Step)

Step-by-step cashless treatment process after road accident in India including FIR, insurance approval and hospital care
Cashless treatment process after a road accident – from hospital admission to insurance approval and medical care.

 Step 1: नजदीकी नेटवर्क अस्पताल जाएँ

हमेशा वही अस्पताल चुनें जो insurance network में हो।

 Step 2: अस्पताल को तुरंत जानकारी दें

हॉस्पिटल बीमा कंपनी या TPA को सूचना देता है।

 Step 3: ज़रूरी दस्तावेज़ दें

  • आधार कार्ड
  • बीमा कार्ड
  • FIR (रोड एक्सीडेंट में जरूरी)
  • मेडिकल रिपोर्ट

 Step 4: अप्रूवल मिलने के बाद इलाज शुरू

बीमा कंपनी अनुमति देती है और इलाज शुरू हो जाता है।

कैशलेस और रीइंबर्समेंट में फर्क

विषय कैशलेस इलाज रीइंबर्समेंट
पैसा देना नहीं पहले देना पड़ता है
सुविधा तुरंत बाद में
प्रक्रिया आसान थोड़ी लंबी

इमरजेंसी में कैशलेस इलाज सबसे बेहतर होता है।

रोड एक्सीडेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा क्यों जरूरी है?

अक्सर एक्सीडेंट के बाद:

  • नौकरी छूट जाती है
  • आमदनी रुक जाती है
  • परिवार कर्ज़ में फँस जाता है

ऐसी स्थिति से बचने के लिए यह पढ़ें:
https://www.setmoneyinvest.com/karz-me-doobe-insaan-ki-kahani-financial-tips/

सरकारी योजनाओं से मदद कैसे मिले?

सरकार कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता देती है:

National Family Benefit Scheme
https://www.setmoneyinvest.com/national-family-benefit-scheme-up/

अन्य सरकारी योजनाएँ
https://www.setmoneyinvest.com/atal-pension-yojna-ka-labh-2025/

कैशलेस इलाज न मिलने पर क्या करें?

अगर अस्पताल कैशलेस नहीं देता तो:

  • इलाज करवाएँ
  • सारे बिल संभालकर रखें
  • बाद में reimbursement claim करें

जरूरी सावधानियाँ

✔ अस्पताल नेटवर्क में हो
✔ दस्तावेज़ पूरे हों
✔ देर न करें
✔ सही जानकारी दें

निष्कर्ष (Conclusion)

रोड एक्सीडेंट किसी के साथ भी हो सकता है।
ऐसे समय में कैशलेस इलाज जीवन रक्षक साबित होता है

अगर आप पहले से जागरूक हैं और सही जानकारी रखते हैं,
तो आप अपने परिवार को आर्थिक संकट से बचा सकते हैं।

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।
कृपया किसी भी योजना या बीमा से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।

सड़क दुर्घटना का शिकार हुए लोगों का 1.5 लाख का इलाज बिल्कुल कैशलेस इलाज होगा। कोई बीमा नही।

Highlights:

  • कैशलेस इलाज
  • इस योजना का विस्तार किया गया
  • योजना का मुख्य उद्देश्य सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पतालों में उचित उपचार मिले।
  • मृत्यु दर में कमी
  • सबसे ज़्यादा रोड ऐक्सिडेंट दिल्ली में
  • भारत में प्रतिवर्ष कितने रोड ऐक्सिडेंट होते है?
  • FAQ
  • निष्कर्ष
    Cashless Treatment जानकारी
    कैशलेस इलाज क्या है सड़क दुर्घटना में शिकार लोगों का 1.5 लाख रुपये का तुरंत मुफ़्त इलाज
    कैशलेस ट्रीटमेंट में देश के क़ौन कौन से अस्पताल में इलाज होगा भारत के किसी भी हॉस्पिटल में
    सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएँ किस राज्य में होती है दिल्ली में
    भारत में कितने लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते है 1.70 lakh लगभग

   सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय में तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, क्योंकि केंद्र सरकार देश भर में एक नई स्वास्थ्य देखभाल योजना शुरू करने की योजना बना रही है।

     दुर्घटना के पीड़ितों को एक नई स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय में चिकित्सा देखभाल का अधिकार होगा, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ितों के लिए निर्दिष्ट अस्पतालों में नकद रहित उपचार अनिवार्य कर दिया जाएगा, यहां तक ​​कि बीमा न कराने वालों के लिए भी।

यह योजना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) (Ministry of Road Transport and Highways of India) के तत्वावधान में विकसित की गई है, जिसके तहत प्रत्येक दुर्घटना में प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। इसमें सरकार की आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध सभी अस्पतालों में दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शामिल है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आकस्मिक उपचार देना है ताकि समय पर इलाज हो सके और ज़िंदगी बच सके। वैसे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक जाने जाती है।

यह योजना सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के तत्वावधान में विकसित की गई है, जिसके तहत प्रत्येक दुर्घटना में प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा। इसमें सरकार की आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध सभी अस्पतालों में दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक अस्पताल में भर्ती होने का खर्च शामिल है।

कैशलेस उपचार

जानकारों के अनुसार नई योजना के तहत सभी सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को निर्धारित अस्पतालों में नकद रहित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा और बिना बीमा वाले वाहनों के पीड़ितों को भी कवर प्रदान किया जाएगा, ताकि जीवन बचाने में मदद करने वाले स्वर्णिम समय में तत्काल चिकित्सा सहायता से इनकार न किया जा सके।      राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) एक कार्यान्वयन एजेंसी है जो पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों (एसएचए) के साथ समन्वय में पायलट कार्यक्रम के लिए है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) पैकेज में ट्रॉमा मामलों को शामिल किया गया है, जबकि मोटर वाहन दुर्घटना निधि से दावों की प्रतिपूर्ति अस्पतालों द्वारा उठाई जाएगी।

इस योजना का विस्तार किया गया

जनवरी 2022 में तैयार की गई प्रस्तावित योजना का विस्तार होगा, जिसमें 1989 की सोलाटियम फंड योजना से स्थानांतरित लगभग 76 करोड़ रुपये की राशि के साथ मोटर वाहन दुर्घटना निधि ट्रस्ट की स्थापना की गई थी। जीआई काउंसिल द्वारा प्रबंधित इस योजना के तहत वर्तमान में केवल हिट-एंड-रन मामलों के पीड़ितों को 2 लाख रुपये की मृत्यु क्षतिपूर्ति और गंभीर चोट के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जाता है। Must Read:Cashless Mediclaim Everywhere

योजना का मुख्य उद्देश्य सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पतालों में उचित उपचार मिले।

योजना अपने अंतिम रूप में यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को अस्पतालों में उचित उपचार मिले, जिसमें बीमा रहित वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं और हिट-एंड-रन मामलों के पीड़ित भी शामिल हैं। बीमा कंपनियों के योगदान से बीमित वाहनों के पीड़ितों के उपचार को कवर किया जाएगा, यहां तक ​​कि बिना बीमा वाले वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं को भी गोल्डन ऑवर के दौरान फंड से पूर्ण कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा और ऐसे बिना बीमा वाले वाहन से वसूली और जुर्माना बाद में किया जा सकता है।

MORTH की सभी बीमा कम्पनियों से बात

MORTH ने कैशलेस उपचार की अपनी योजना के साथ तैयार रहने के लिए, सामान्य बीमा कंपनियों से बात की है, जो वाहनों के बीमा के लिए भुगतान किए गए तीसरे पक्ष के प्रीमियम का 2.97% फंड में योगदान करने के लिए कह रही हैं। उन्होंने सोलाटियम फंड से जमा किए गए पैसे का भी उपयोग करेंगे। बिना बीमा वाले वाहनों के लिए, फंड को MoRTH उपयोगकर्ता-शुल्क संग्रह और सरकार से बजटीय सहायता से अपना पैसा मिलेगा।ओ

  • उपरोक्त उद्धृत अधिकारी ने बताया कि पायलट योजना से प्राप्त इनपुट नई योजना के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
  • नई योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बड़ी सहायता प्रदान करेगी।
  • MoRTH के अनुसार, 2022 में पुलिस विभागों ने 461,312 सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी।
  • इन दुर्घटनाओं में 168,491 लोगों की मौत हुई थी, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
  • 443,366 लोग घायल हो गए थे।
  • आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर वर्ष लगभग 25,000 हिट-एंड-रन घटनाएं होती हैं, जो गंभीर चोट या मृत्यु का कारण बनती हैं।
  • वर्ष 2022 में देश में हुई कुल दुर्घटनाओं में से 151,997 (32.9%) घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं, जिनमें एक्सप्रेसवे भी शामिल हैं।
  • राज्य राजमार्गों पर 106,682 (23.1%) दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
  • शेष 202,633 (43.9%) घटनाएं अन्य प्रकार की सड़कों पर हुईं।

यह आंकड़े सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और सुधार की आवश्यकता को दर्शाते हैं।  

मृत्यु दर में कमी

  • 2022 में कुल 168,491 मौतों की दर थी, जिसमें से 61,038 (36.2%) राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं।
  • 2022 में कुल 168,491 मौतों की दर थी, जिसमें से 41,012 (24.3%) राज्य राजमार्गों पर हुईं।
  • 2022 में कुल 168,491 मौतों की दर थी, जिसमें से 66,441 (39.4%) अन्य सड़कों पर हुईं।
  • 2022 में कुल 155,781 घातक दुर्घटनाओं की दर थी, जिसमें से 55,571 (35.7%) राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुईं।
  • 2022 में कुल 155,781 घातक दुर्घटनाओं की दर थी, जिसमें से 37,861 (24.3%) राज्य राजमार्गों पर हुईं।
  • 2022 में कुल 155,781 घातक दुर्घटनाओं की दर थी, जिसमें से 62,349 (40%) अन्य सड़कों पर हुईं।

सबसे ज़्यादा रोड ऐक्सिडेंट दिल्ली में

केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली देश में सड़क दुर्घटना की वजह से होने वाली मौतों और घायलों की संख्या के मामले में पहले स्थान पर है। दिल्ली में पिछले दो साल में हर माह 249 सड़क दुर्घटनाओं में 112 लोग जान गंवा रहे हैं। दिल्ली से सटे गाजियाबाद और फरीदाबाद की पूरे देश में रैंकिंग में सुधार जरूर है, लेकिन मामले बढ़े हैं। राष्ट्रीय राजधानी में वर्ष 2021 में 4,720 के मुकाबले वर्ष 2022 में 5,652 मामले सड़क दुर्घटना के दर्ज हुए। 

भारत में प्रतिवर्ष कितने रोड ऐक्सिडेंट होते है?

  • केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं- 2022’ नामक रिपोर्ट जारी की थी।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में भारत में कुल 4,61,312 सड़क हादसे हुए थे।
  • इन हादसों में 1,68,491 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और कुल 4,43,366 लोग घायल हुए थे।
  • इस रिपोर्ट के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारतीय राजमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए कई उपाय कर रहा है।

अभी तक क्या जानकारी उपलब्ध है?

  • यह योजना 2023 में लागू की गई है

  • देशभर के चयनित अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू हो चुकी है

  • पायलट और शुरुआती चरण में कई राज्यों में इसका लाभ दिया जा रहा है

  • सरकार का लक्ष्य है कि हर सड़क दुर्घटना पीड़ित को तुरंत और बिना पैसे के इलाज मिल सके

FAQ

Q. कैशलेस इलाज कैसे होता है?

कैशलेस अस्पताल एक ऐसी चिकित्सा सुविधा है जो बीमा कंपनियों के साथ सहयोग करके पॉलिसीधारकों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लाभ प्रदान करती है। इसका अर्थ यह है कि पॉलिसीधारक अस्पताल में चिकित्सा उपचार का लाभ बिना सीधे चिकित्सा बिलों का भुगतान किए उठा सकते हैं, क्योंकि बीमा कंपनी अस्पताल के साथ सीधे बिल का निपटान करती है।

Q. क्या कोई बीमा कम्पनी कैश लेस इलाज के लिए इनकार कर सकती है?

नही, कोई भी बीमा कम्पनी कैश लेस इलाज के लिए मना नही कर सकती।

Q. फ़्री का इलाज क्या होता है?

इस योजना में सरकार कम आय वाले लोगों को एक प्रकार का हेल्थ कार्ड (Health Card) प्रदान करती है, जिसे आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) भी कहा जाता है। इस कार्ड की सहायता से लाभार्थी सरकारी और निजी अस्पताल में जाकर इलाज करवा सकते हैं।

Q. आयुष्मान भारत योजना में किन किन रोगों का इलाज होता?

  1. अपेंडिक्स की सर्जरी
  2. मलेरिया का उपचार
  3. हार्निया की सर्जरी
  4. बवासीर का उपचार
  5. पुरुष हाइड्रोसिल का उपचार
  6. पुरुष नसबंदी
  7. आंतों की सूजन
  8. पेचिश का उपचार

Q. आयुष्मान कार्ड क़ौन क़ौन से हॉस्पिटल में मान्य है?

सचदेवा अस्पताल, मिगलानी नर्सिंग होम, सुशील गर्ग अस्पताल, सरस्वती नेत्रालय, पार्क अस्पताल, भटनागर आई केयर सेंटर, हरियाणा अस्पताल, अरविंद अस्पताल, ठाकुर आई एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल, श्री मूलचंद किडनी हॉस्पिटल एंड यूरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, सूर्या हॉस्पिटल तथा श्रीहरि हॉस्पिटल, अर्पणा हॉस्पिटल, सेठ हॉस्पिटल, हरियाना नर्सिंग होम।

निष्कर्ष:

केंद्र की वर्तमान सरकार ने अनेकों योजनाओं को प्रारूप दिया। आयुष्मान भारत योजना उन्ही में से एक है। केंद्र ने स्वास्थ्य से सम्बंधित कई योजनाएँ चलाई ताकि गरीब अपना इलाज मुफ़्त में करवा सकें। हमने अपने blogg में ऐसी बहुत सी योजनाओं का ज़िक्र किया है। उन्मे से एक योजना यह भी है अचानक सड़क हादसा हो जाने पर देश के किसी भी हॉस्पिटल में तुरंत इलाज सम्भव हो सके, वो भी 1.5 लाख की मुफ़्त राशि के साथ।

disclaimer:

फ़्रेंड्ज़, यह लेख हमारे पत्र पत्रिका, न्यूज़ पेपर, और अन्य पर्यटन के माध्यम से लिखा गया है। और साथ ही हमारा पूरा प्रयास जारी है कि आपको जानकारी दी जाए। लेकिन फिर भी इस लेख में कोई भी जानकारी गलत लिखी गई है तो कृपया हमें उसकी जिम्मेदारियां न बताएं।आर्टिकल अच्छा लगे तो कमेंट जरूर करें।

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