क्या स्कूल और कॉलेज में शेयर मार्केट की पढ़ाई होनी चाहिए?

भूमिका
आज का युवा पढ़ा‑लिखा है, स्मार्टफोन चलाता है, इंटरनेट की दुनिया में आगे है, लेकिन जब बात आती है पैसों को समझने और सही तरीके से निवेश करने की – तो अधिकतर युवा बिल्कुल शुरुआत की स्थिति में होते हैं।
12वीं पास करने के बाद कॉलेज, फिर नौकरी… लेकिन पैसा कैसे बचाया जाए, कैसे बढ़ाया जाए और कैसे सही जगह लगाया जाए – यह न तो स्कूल सिखाता है और न ही कॉलेज।
नतीजा यह होता है कि:
- पहली सैलरी कुछ महीनों में खत्म हो जाती है
- लोग गलत शेयर टिप्स में पैसा लगा देते हैं
- कई युवा ट्रेडिंग को जुआ समझकर भारी नुकसान कर बैठते हैं
इसी कारण आज एक बड़ा सवाल उठ रहा है:
क्या स्कूल और कॉलेज में शेयर मार्केट और निवेश की पढ़ाई होनी चाहिए?
और अगर हाँ, तो यह पढ़ाई युवाओं के भविष्य को कैसे बदल सकती है?
इस लेख में हम इसी विषय को विस्तार से समझेंगे।
शेयर मार्केट क्या है? (युवाओं की भाषा में)
शेयर मार्केट वह जगह है जहाँ कंपनियों के हिस्से (Shares) खरीदे और बेचे जाते हैं।
आसान शब्दों में:
जब आप किसी कंपनी का शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के छोटे से मालिक बन जाते हैं। अगर कंपनी आगे बढ़ती है, तो आपका पैसा भी बढ़ता है।
उदाहरण:
- आपने 1000 रुपये लगाए
- कंपनी अच्छी चली
- 3–5 साल में वही पैसा 3000–5000 रुपये हो सकता है
यही है लंबी अवधि का निवेश (Long Term Investment) – जो युवाओं के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद तरीका है।
लेकिन यह समझ तभी आएगी जब इसकी सही शिक्षा मिलेगी।
आज के युवाओं को शेयर मार्केट सीखने की ज़रूरत क्यों है?

1. नौकरी की अनिश्चितता
आज कोई भी नौकरी 100% सुरक्षित नहीं है। कंपनी बंद, छंटनी, मंदी – कुछ भी हो सकता है।
2. महंगाई लगातार बढ़ रही है
अगर आपका पैसा सिर्फ बैंक में पड़ा है, तो उसकी वैल्यू घटती जा रही है।
3. पैसिव इनकम जरूरी हो चुकी है
सिर्फ सैलरी पर निर्भर रहना अब खतरे से खाली नहीं।
4. गलत जानकारी का खतरा
YouTube, Telegram और Instagram पर फर्जी शेयर टिप्स भरे पड़े हैं।
5. जल्दी शुरुआत = बड़ा फायदा
कंपाउंडिंग का जादू तभी चलता है जब शुरुआत जल्दी हो।
20 साल की उम्र में शुरू किया गया निवेश, 40 की उम्र तक करोड़ों में बदल सकता है – अगर सही तरीके से किया जाए। इसलिए जरूरी है स्कूल की पढ़ाई के साथ Financial Education
अगर स्कूल और कॉलेज में शेयर मार्केट की पढ़ाई हो तो क्या फायदे होंगे?
| फायदा | विवरण |
|---|---|
| वित्तीय समझ | पैसा कैसे कमाया, बचाया और बढ़ाया जाए – यह ज्ञान मिलेगा |
| अनुशासन | फालतू खर्च पर कंट्रोल आएगा |
| जोखिम प्रबंधन | नुकसान से कैसे बचें – यह सीखेंगे |
| सही निवेश | जुआ नहीं बल्कि रणनीति से निवेश करेंगे |
| करियर विकल्प | फाइनेंस, एनालिस्ट, एडवाइजर, फंड मैनेजर जैसे क्षेत्र खुलेंगे |
| आत्मनिर्भरता | युवा आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे |
विकसित देशों में यही होता है?
कई विकसित देशों में:
- अमेरिका में स्कूलों में Financial Literacy पढ़ाई जाती है
- UK और सिंगापुर में निवेश और टैक्स से जुड़े बेसिक कोर्स होते हैं
- छात्र डेमो ट्रेडिंग से प्रैक्टिस करते हैं
वहीं भारत में अभी यह विषय मुख्यधारा में नहीं आया है।
भारत में वर्तमान स्थिति
- स्कूलों में शेयर मार्केट विषय नहीं है
- कॉलेजों में सिर्फ कॉमर्स या MBA में थोड़ी जानकारी
- ज्यादातर युवा YouTube या दोस्तों से सीखते हैं
- कोई structured system नहीं
- Finance की basic Education नहीं सिखाई जाती
यही कारण है कि 90% रिटेल निवेशक नुकसान में रहते हैं।
क्या शेयर मार्केट शिक्षा के नुकसान भी हो सकते हैं?
हाँ, अगर गलत तरीके से सिखाया जाए तो:
- युवा ट्रेडिंग को जुआ समझ सकते हैं
- जल्दी अमीर बनने का भ्रम
- ओवर ट्रेडिंग
- मानसिक तनाव
लेकिन अगर सही सिलेबस हो:
- Long term investing
- Risk management
- Ethics
- Practical examples
तो नुकसान की जगह फायदा ही होगा।
युवाओं के लिए शेयर मार्केट की सही शुरुआत कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप बिगिनर गाइड (2026)

Step 1: डिमैट अकाउंट खोलें
विश्वसनीय ब्रोकर्स का चयन करें।
Step 2: बेसिक सीखें
शेयर क्या है:
शेयर किसी कंपनी में आपकी छोटी‑सी हिस्सेदारी होता है। जब आप शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के लाभ और नुकसान दोनों में भागीदार बन जाते हैं। अच्छी कंपनी के शेयर लंबे समय में अच्छा रिटर्न देते हैं।
IPO (Initial Public Offering):
जब कोई कंपनी पहली बार आम लोगों को अपने शेयर बेचती है, उसे IPO कहते हैं। इसके जरिए कंपनी पूंजी जुटाती है और निवेशकों को शुरुआत से जुड़ने का मौका मिलता है।
Market Cap (मार्केट कैपिटलाइजेशन):
यह किसी कंपनी का कुल बाजार मूल्य होता है। इससे पता चलता है कि कंपनी छोटी, मझोली या बड़ी है और निवेश कितना सुरक्षित या जोखिम भरा हो सकता है।
Risk (जोखिम):
शेयर मार्केट में लाभ के साथ नुकसान की संभावना भी होती है। सही जानकारी, धैर्य और विविध निवेश (diversification) से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Step 3: Mutual Fund से शुरुआत
सीधे शेयर से पहले SIP बेहतर है।
👉 पढ़ें: SIP क्या है और कैसे शुरू करें?
https://www.setmoneyinvest.com/what-is-sip-in-hindi/
Step 4: Long Term सोचें
जल्दी अमीर बनने की सोच छोड़ें।
Step 5: Fake tips से बचें
कोई भी 100% गारंटी नहीं देता।
👉 पढ़ें: शेयर मार्केट में धोखाधड़ी से कैसे बचें
https://www.setmoneyinvest.com/share-market-fraud-protection/
सरकार और शिक्षा प्रणाली को क्या करना चाहिए?
1. स्कूल में Financial Literacy subject
Class 9 से basic finance
2. कॉलेज में practical training
Demo trading, portfolio management
3. SEBI और RBI द्वारा certification courses
4. सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म
Free learning modules
5. Awareness programs
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में
शेयर मार्केट बनाम जुआ – फर्क समझना जरूरी
| शेयर मार्केट | जुआ |
|---|---|
| रिसर्च आधारित | किस्मत आधारित |
| लंबी अवधि | तुरंत फायदा |
| रणनीति | भावनाएं |
| नियंत्रित जोखिम | अनियंत्रित जोखिम |
सही शिक्षा इस फर्क को स्पष्ट करती है।
आप इन links को क्लिक करके अवश्य पढ़ें-
- SIP Guide:
https://www.setmoneyinvest.com/what-is-sip-in-hindi/ - Mutual Fund Beginner Guide:
https://www.setmoneyinvest.com/mutual-fund-beginners-guide-hindi/ - Financial Planning:
https://www.setmoneyinvest.com/financial-planning-kaise-karen-2025/ - Government schemes for youth:
https://www.setmoneyinvest.com/youth-government-schemes-india/ - Share Market Basics:
https://www.setmoneyinvest.com/share-market-basics-in-hindi/
निष्कर्ष:
आज का युवा देश का भविष्य है। अगर उसे सिर्फ डिग्री दी जाए लेकिन पैसे की समझ न दी जाए, तो वह जिंदगी भर संघर्ष करता रहेगा।
लेकिन अगर:
- स्कूल से निवेश की शिक्षा मिले
- कॉलेज में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हो
- सही मार्गदर्शन दिया जाए
तो भारत के युवा:
✅ आर्थिक रूप से मजबूत होंगे
✅ कर्ज में नहीं डूबेंगे
✅ आत्मनिर्भर बनेंगे
✅ और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगे
इसलिए साफ है कि:
स्कूल और कॉलेज में शेयर मार्केट की पढ़ाई आज एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।
पढ़ें-
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और छात्रों के साथ जरूर शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा सही निवेश की शुरुआत कर सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) – युवाओं और शेयर मार्केट से जुड़े 10 प्रश्न
1. क्या शेयर मार्केट पढ़ाई के साथ सीखा जा सकता है?
हाँ, बिल्कुल। रोज़ 20–30 मिनट देकर बेसिक concepts और long-term investing सीखी जा सकती है। इससे पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
2. शेयर मार्केट सीखने की सही उम्र क्या है?
18 साल के बाद कोई भी शुरुआत कर सकता है, लेकिन जानकारी स्कूल स्तर से मिलना सबसे बेहतर माना जाता है।
3. क्या शेयर मार्केट में पैसा डूबने का खतरा रहता है?
हाँ, लेकिन सही ज्ञान, धैर्य और long-term निवेश से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
4. क्या बिना ज्यादा पैसों के निवेश शुरू किया जा सकता है?
हाँ, आज SIP और कुछ शेयर 500–1000 रुपये से भी खरीदे जा सकते हैं।
5. क्या ट्रेडिंग और निवेश एक ही चीज़ हैं?
नहीं। ट्रेडिंग कम समय में खरीद–बिक्री है, जबकि निवेश लंबे समय के लिए किया जाता है। युवाओं के लिए निवेश ज्यादा सुरक्षित है।
6. क्या शेयर मार्केट को जुआ माना जाता है?
नहीं, अगर सही रिसर्च और रणनीति से किया जाए तो यह बिजनेस और निवेश का माध्यम है, जुआ नहीं।
7. क्या स्कूल में शेयर मार्केट पढ़ाना सुरक्षित है?
हाँ, अगर इसे बेसिक फाइनेंशियल शिक्षा और निवेश जागरूकता के रूप में पढ़ाया जाए, न कि तेज़ ट्रेडिंग के रूप में।
8. शेयर मार्केट सीखने के लिए सबसे जरूरी क्या है?
धैर्य, सही जानकारी, अनुशासन और लंबी अवधि की सोच।
9. क्या शेयर मार्केट से करियर बनाया जा सकता है?
हाँ, फाइनेंशियल एनालिस्ट, निवेश सलाहकार, पोर्टफोलियो मैनेजर जैसे कई करियर विकल्प हैं।
10. युवाओं के लिए सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प कौन सा है?
म्यूचुअल फंड SIP और बड़ी, भरोसेमंद कंपनियों के शेयर सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
