Business Funding Schemes of India– 2026
Business Funding Schemes of India भारत सरकार की प्रमुख बिजनेस फंडिंग योजनाएँ क्या हैं? कैसे सरकारी फंड से आप अपने बिजनेस को बड़ा कर सकते है? यदि आप एक छोटे या मध्यम उद्यमी हैं, स्टार्टअप का संचालन कर रहे हैं, या अपना नया व्यवसाय आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो भारत सरकार की विभिन्न योजनाएँ और वित्तीय विकल्प आपके लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं। सरकार छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहायता, ऋण, सब्सिडी और कर छूट प्रदान करके उन्हें प्रगति करने में सहायता करती है। इस लेख में हम सरकारी योजनाओं और वित्तपोषण के सभी पहलुओं को विस्तार से समझेंगे, ताकि आप उपयुक्त योजना का लाभ उठा सकें और अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकें। सरकारी फंडिंग और योजनाओं का महत्व क्या है? सरकार द्वारा छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता प्रदान करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं: सरकारी फंडिंग और योजनाओं का महत्व क्यों है? सरकार द्वारा छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता प्रदान करने के पीछे कुछ प्रमुख उद्देश्य होते हैं: Post office की मासिक आय योजना: हर महीने कमाई करें व्यापार के विकास में सहायता: छोटे उद्यमों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें सफल और स्थिर बनाना। रोजगार के अवसरों का सृजन: छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं। नवाचार को प्रोत्साहन: स्टार्टअप्स और नए व्यापारिक विचारों को आर्थिक सहयोग देकर देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम: स्थानीय व्यवसायों को प्रोत्साहित करके “मेक इन इंडिया” पहल को सफल बनाना अब हम सरकारी योजनाओं, उनके लाभ और आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत जानकारी समझते हैं? भारत सरकार द्वारा संचालित प्रमुख व्यवसाय वित्त पोषण योजनाएं भारत सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा स्टार्टअप्स के लिए अनेक योजनाएं लागू करती है। आइए इन योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण करते हैं। स्वरोजगार के लिए 7 प्रमुख सरकारी योजनाएं: अब खुलकर व्यापार करें A. MSME (छोटे और मध्यम उद्यमों) के लिए सरकारी योजनाए MSME का पूरा नाम “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम” है। यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसे भारत सरकार ने छोटे और मध्यम व्यवसायों को प्रोत्साहित करने और समर्थन देने के उद्देश्य से स्थापित किया है। MSME क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था की आधारशिला माना जाता है, क्योंकि यह रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है, नवाचार को प्रोत्साहित करता है और देश की GDP में महत्वपूर्ण योगदान करता है। 1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ऋण राशि: 50,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक ब्याज दर: बैंक के अनुसार, सामान्यतः 8% – 12% गारंटी: कोई गारंटी की आवश्यकता नहीं पात्रता: कोई भी छोटा व्यापारी, दुकानदार, निर्माता या सेवा प्रदाता इसे भी पढ़े: वित्त क्षेत्र मे रोजगार के भरपूर अवसर क्या क्या हैं? आवेदन कैसे करें? अपने निकटतम बैंक/NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) में जाएं। mudra.org.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। (ऑनलाइन) आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है: अपने निकटतम बैंक या एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) में जाएं। mudra.org.in पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और व्यवसाय योजना जमा करें। बैंक आपके लोन आवेदन की समीक्षा करेगा और उसे मंजूरी देगा। बैंक आपको लोन देनें से पहले आपके क्रेडिट स्कोर को भी चैक कर सकता है | 2. स्टैंड-अप इंडिया योजना स्टैंड अप इंडिया योजना भारत सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू कर सकें। ✔ ऋण राशि: 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक ✔ विशेष लाभ: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए ✔ ब्याज दर: बैंक के अनुसार निर्धारित ✔ उद्देश्य: नए व्यवसायों की स्थापना में सहायता प्रदान करना इसे भी पढ़ें: Post Office बाल जीवन बीमा आवेदन कैसे करें? बैंक से संपर्क करें और व्यवसाय योजना के बारे में बैंक को बतायें ऋण स्वीकृत होने पर 7 वर्षों तक की चुकौती अवधि उपलब्ध है। 3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक केंद्रीय सरकार की योजना है, जिसे 2008 में शुरू किया गया था। इसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित किया जाता है और खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) इसे नोडल एजेंसी के रूप में लागू करता है। इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में। ✔ ऋण राशि: 10 लाख से 50 लाख रुपये ✔ अनुदान: 15% से 35% तक ✔ पात्रता: कोई भी नया या मौजूदा उद्यम आवेदन करने की प्रक्रिया: www.kviconline.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें। अपने व्यवसाय योजना को तैयार करके सरकारी बैंक से संपर्क करें 4. क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (CLCSS) ✔ लाभ: नए उपकरण और मशीनरी की खरीद पर 15% की सब्सिडी ✔ योग्यता: MSME व्यवसाय ✔ आवेदन कैसे करें? अधिक जानकारी के लिए पर जाएं। । 5. स्टार्टअप्स के लिए सरकारी योजनाएं स्टार्टअप इंडिया योजना ✔ लाभ: तीन वर्षों तक टैक्स में छूट बैंक से सरल ऋण प्राप्ति सरकारी टेंडर में प्राथमिकता प्राप्त करना ✔ आवेदन की प्रक्रिया: www.startupindia.gov.in पर स्टार्टअप के लिए पंजीकरण करें। व्यापार योजना और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। 6. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (SISFS) ✔ ऋण राशि: 50 लाख रुपये तक ✔ पात्रता: नवोन्मेषी स्टार्टअप ✔ आवेदन कैसे करें? seedfund.startupindia.gov.in पर आवेदन करें। 7. SIDBI फंड ऑफ फंड्स योजना भारत के लघु उद्योग विकास बैंक) द्वारा संचालित फंड ऑफ फंड्स योजना (FoF) एक सरकारी पहल है, जिसे स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत आरंभ किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और देश में नवाचार तथा उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके। SIDBI के बारे में हम आपको विस्तारपूर्वक अगले लेख में बताएंगे| ✔ लाभ: स्टार्टअप्स के लिए 50 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता ✔ आवेदन की प्रक्रिया: www.sidbi.in पर जाकर आवेदन करें। इसे भी पढ़ें: Top 5 cheap and best MBBS
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