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Business Funding Schemes of India– 2026

Business Funding Schemes of India भारत सरकार की प्रमुख बिजनेस फंडिंग योजनाएँ क्या हैं? कैसे सरकारी फंड से आप अपने बिजनेस को बड़ा कर सकते है? यदि आप एक छोटे या मध्यम उद्यमी हैं, स्टार्टअप का संचालन कर रहे हैं, या अपना नया व्यवसाय आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो भारत सरकार की विभिन्न योजनाएँ और वित्तीय विकल्प आपके लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं। सरकार छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहायता, ऋण, सब्सिडी और कर छूट प्रदान करके उन्हें प्रगति करने में सहायता करती है। इस लेख में हम सरकारी योजनाओं और वित्तपोषण के सभी पहलुओं को विस्तार से समझेंगे, ताकि आप उपयुक्त योजना का लाभ उठा सकें और अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकें। सरकारी फंडिंग और योजनाओं का महत्व क्या है? सरकार द्वारा छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता प्रदान करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं: सरकारी फंडिंग और योजनाओं का महत्व क्यों है?   सरकार द्वारा छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता प्रदान करने के पीछे कुछ प्रमुख उद्देश्य होते हैं: Post office की मासिक आय योजना: हर महीने कमाई करें  व्यापार के विकास में सहायता: छोटे उद्यमों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें सफल और स्थिर बनाना। रोजगार के अवसरों का सृजन: छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं। नवाचार को प्रोत्साहन: स्टार्टअप्स और नए व्यापारिक विचारों को आर्थिक सहयोग देकर देश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम: स्थानीय व्यवसायों को प्रोत्साहित करके “मेक इन इंडिया” पहल को सफल बनाना अब हम सरकारी योजनाओं, उनके लाभ और आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत जानकारी समझते हैं? भारत सरकार द्वारा संचालित प्रमुख व्यवसाय वित्त पोषण योजनाएं भारत सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा स्टार्टअप्स के लिए अनेक योजनाएं लागू करती है। आइए इन योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण करते हैं। स्वरोजगार के लिए 7 प्रमुख सरकारी योजनाएं: अब खुलकर व्यापार करें  A. MSME (छोटे और मध्यम उद्यमों) के लिए सरकारी योजनाए MSME का पूरा नाम “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम” है। यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसे भारत सरकार ने छोटे और मध्यम व्यवसायों को प्रोत्साहित करने और समर्थन देने के उद्देश्य से स्थापित किया है। MSME क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था की आधारशिला माना जाता है, क्योंकि यह रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है, नवाचार को प्रोत्साहित करता है और देश की GDP में महत्वपूर्ण योगदान करता है। 1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)   ऋण राशि: 50,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक ब्याज दर: बैंक के अनुसार, सामान्यतः 8% – 12% गारंटी: कोई गारंटी की आवश्यकता नहीं  पात्रता: कोई भी छोटा व्यापारी, दुकानदार, निर्माता या सेवा प्रदाता इसे भी पढ़े: वित्त क्षेत्र मे रोजगार के भरपूर अवसर क्या क्या हैं?  आवेदन कैसे करें? अपने निकटतम बैंक/NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) में जाएं। mudra.org.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। (ऑनलाइन) आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है: अपने निकटतम बैंक या एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) में जाएं। mudra.org.in पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और व्यवसाय योजना जमा करें। बैंक आपके लोन आवेदन की समीक्षा करेगा और उसे मंजूरी देगा। बैंक आपको लोन देनें से पहले आपके क्रेडिट स्कोर को भी चैक कर सकता है | 2. स्टैंड-अप इंडिया योजना    स्टैंड अप इंडिया योजना भारत सरकार द्वारा 5 अप्रैल 2016 को शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू कर सकें। ✔ ऋण राशि: 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक ✔ विशेष लाभ: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए ✔ ब्याज दर: बैंक के अनुसार निर्धारित ✔ उद्देश्य: नए व्यवसायों की स्थापना में सहायता प्रदान करना इसे भी पढ़ें: Post Office बाल जीवन बीमा  आवेदन कैसे करें?   बैंक से संपर्क करें और व्यवसाय योजना के बारे में बैंक को बतायें ऋण स्वीकृत होने पर 7 वर्षों तक की चुकौती अवधि उपलब्ध है। 3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक केंद्रीय सरकार की योजना है, जिसे 2008 में शुरू किया गया था। इसे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित किया जाता है और खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) इसे नोडल एजेंसी के रूप में लागू करता है। इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, खासकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में। ✔ ऋण राशि: 10 लाख से 50 लाख रुपये ✔ अनुदान: 15% से 35% तक ✔ पात्रता: कोई भी नया या मौजूदा उद्यम आवेदन करने की प्रक्रिया: www.kviconline.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें। अपने व्यवसाय योजना को तैयार करके सरकारी बैंक से संपर्क करें 4. क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (CLCSS) ✔ लाभ: नए उपकरण और मशीनरी की खरीद पर 15% की सब्सिडी ✔ योग्यता: MSME व्यवसाय ✔ आवेदन कैसे करें? अधिक जानकारी के लिए पर जाएं।  । 5. स्टार्टअप्स के लिए सरकारी योजनाएं स्टार्टअप इंडिया योजना   ✔ लाभ: तीन वर्षों तक टैक्स में छूट बैंक से सरल ऋण प्राप्ति सरकारी टेंडर में प्राथमिकता प्राप्त करना ✔ आवेदन की प्रक्रिया: www.startupindia.gov.in पर स्टार्टअप के लिए पंजीकरण करें। व्यापार योजना और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। 6. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (SISFS) ✔ ऋण राशि: 50 लाख रुपये तक ✔ पात्रता: नवोन्मेषी स्टार्टअप ✔ आवेदन कैसे करें? seedfund.startupindia.gov.in पर आवेदन करें। 7. SIDBI फंड ऑफ फंड्स योजना भारत के लघु उद्योग विकास बैंक) द्वारा संचालित फंड ऑफ फंड्स योजना (FoF) एक सरकारी पहल है, जिसे स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत आरंभ किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और देश में नवाचार तथा उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके। SIDBI के बारे में हम आपको विस्तारपूर्वक अगले लेख में बताएंगे| ✔ लाभ: स्टार्टअप्स के लिए 50 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता ✔ आवेदन की प्रक्रिया: www.sidbi.in पर जाकर आवेदन करें। इसे भी पढ़ें: Top 5 cheap and best MBBS

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2025 में स्वरोजगार के लिए लोन दिलाने वाली 7 प्रमुख सरकारी स्कीमें

Sarkari Swarojgar Loan Yojna 2025: सरकार से बिज़नेस लोन पाएं  2025 में स्वरोजगार के लिए लोन दिलाने वाली 7 प्रमुख सरकारी स्कीमें   परिचय आज के समय में स्वरोजगार (Self Employment) न केवल युवाओं के लिए बल्कि छोटे कारोबारियों और महिलाओं के लिए भी एक बड़ा अवसर बन चुका है। भारत सरकार और राज्य सरकारें मिलकर कई योजनाएँ चला रही हैं जिनके तहत लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। लेकिन सवाल यह है — कौन-सी स्कीमें 2025 में सबसे महत्वपूर्ण हैं और कैसे इनके ज़रिए लोन प्राप्त किया जा सकता है? आइए विस्तार से जानते हैं:  1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) शुरुआत: 2015 में लक्ष्य: छोटे व्यवसाय, दुकानदार, स्वरोजगार करने वालों को बिना गारंटी के लोन देना लोन सीमा: ₹50,000 (शिशु), ₹50,000 – ₹5 लाख (किशोर), ₹5 – ₹10 लाख (तरुण) ब्याज दर: 8% से 12% (बैंक/संस्था पर निर्भर) पात्रता: कोई भी व्यक्ति जो छोटा बिज़नेस या स्वरोजगार शुरू करना चाहता हो लाभ: collateral free loan repayment flexibility महिलाएँ और SC/ST वर्ग को विशेष लाभ 2025 में भी यह योजना सबसे लोकप्रिय है, विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए।  2. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) शुरुआत: खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा लोन राशि: ₹25 लाख तक (मैन्युफैक्चरिंग), ₹10 लाख तक (सेवा क्षेत्र) सब्सिडी: 15% से 35% तक (ग्रामीण इलाकों और SC/ST के लिए अधिक) पात्रता: 18 वर्ष से अधिक आयु कम से कम 8वीं पास लाभ: नए उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता स्वरोजगार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा 2025 में स्टार्टअप और ग्रामीण उद्योगों के लिए सबसे प्रभावी योजना।  3. स्टैंड अप इंडिया योजना लॉन्च: 2016 लक्ष्य: महिला उद्यमियों और SC/ST वर्ग को व्यवसायिक लोन उपलब्ध कराना लोन राशि: ₹10 लाख – ₹1 करोड़ ब्याज दर: बेस रेट + 3% तक पात्रता: SC/ST या महिला उद्यमी नया उद्यम (greenfield project) लाभ: महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहन SC/ST वर्ग की आर्थिक भागीदारी 2025 में women entrepreneurship को boost देने वाली प्रमुख योजना।  4. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) उद्देश्य: ग्रामीण गरीब महिलाओं को Self Help Group (SHG) के माध्यम से स्वरोजगार दिलाना लोन: SHG को आसान शर्तों पर बैंक से loan ब्याज दर: बेहद कम, कई राज्यों में 7% से कम लाभ: महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती group-based repayment system 2025 में यह योजना विशेष रूप से महिला उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए महत्वपूर्ण है।  5. कृषि ऋण योजना (Kisan Credit Card – KCC) उद्देश्य: किसानों और कृषि आधारित स्वरोजगार को लोन प्रदान करना लोन सीमा: ₹3 लाख तक ब्याज दर: 4% तक (सरकारी सब्सिडी के बाद) लाभ: खेती और allied activities (पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन) के लिए फंड किसानों को समय पर working capital जो युवा कृषि आधारित स्वरोजगार करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना सबसे उपयोगी है।  6. महिला उद्यमिता विकास योजना (Mahila Udyam Nidhi Yojana) लक्ष्य: महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय के लिए लोन उपलब्ध कराना लोन राशि: ₹10 लाख तक लाभ: छोटे व्यवसाय जैसे बुटीक, डे-केयर सेंटर, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग आदि repayment में लचीलापन पात्रता: कोई भी महिला उद्यमी जो व्यवसाय शुरू करना चाहती हो  2025 में महिला स्वावलंबन और स्वरोजगार के लिए यह योजना बड़ी भूमिका निभा रही है।  7. स्वरोजगार ऋण योजना (Self Employment Loan Scheme – SELS) लॉन्च: कई राज्यों द्वारा (state-specific scheme) उद्देश्य: बेरोजगार युवाओं को छोटे व्यापार और self employment के लिए लोन लोन राशि: ₹2 लाख – ₹5 लाख तक लाभ: कम ब्याज दर आसानी से उपलब्ध स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को बढ़ावा 2025 में कई राज्यों ने इसे विशेष package के साथ जोड़ा है।      Comparison Table) योजना लोन राशि लाभार्थी वर्ग विशेष लाभ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ₹50,000 – ₹10 लाख सभी बिना गारंटी PMEGP ₹10 – ₹25 लाख ग्रामीण/युवा 35% तक सब्सिडी स्टैंड अप इंडिया ₹10 लाख – ₹1 करोड़ SC/ST, महिलाएँ Greenfield projects NRLM SHG आधारित ग्रामीण महिलाएँ समूह आधारित लोन KCC ₹3 लाख किसान 4% ब्याज दर महिला उद्यमिता योजना ₹10 लाख महिलाएँ छोटे बिज़नेस SELS ₹2 – ₹5 लाख युवा/बेरोजगार राज्य स्तर पर मदद  2025 में स्वरोजगार के लिए कौन-सी योजना चुनें? यदि आप छोटा व्यवसाय करना चाहते हैं → मुद्रा योजना यदि आप ग्रामीण उद्योग खोलना चाहते हैं → PMEGP यदि आप महिला या SC/ST उद्यमी हैं → Stand Up India / Mahila Udyam Nidhi यदि आप किसान हैं → Kisan Credit Card यदि आप Self Help Group से जुड़े हैं → NRLM यदि आप राज्य योजना देखना चाहते हैं → SELS अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) 1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अधिकतम कितना लोन मिल सकता है? प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन मिल सकता है, जो तीन कैटेगरी में बांटा गया है – शिशु, किशोर और तरुण। 2. स्वरोजगार के लिए कौन-सी सरकारी योजना महिलाओं के लिए सबसे बेहतर है? महिला उद्यमिता विकास योजना और स्टैंड अप इंडिया योजना महिलाओं के लिए सबसे बेहतर हैं। इनके तहत आसान शर्तों पर बिज़नेस लोन दिया जाता है। 3. PMEGP योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है? PMEGP योजना में 15% से लेकर 35% तक की सब्सिडी मिलती है, जो क्षेत्र और लाभार्थी वर्ग पर निर्भर करती है। 4. किसान स्वरोजगार के लिए कौन-सी योजना चुन सकते हैं? किसान स्वरोजगार और कृषि आधारित बिज़नेस के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सबसे उपयुक्त योजना है। 5. स्वरोजगार ऋण योजना (SELS) क्या है? स्वरोजगार ऋण योजना (SELS) राज्य सरकारों द्वारा चलायी जाती है। इसके तहत बेरोजगार युवाओं को ₹2 से ₹5 लाख तक का लोन दिया जाता है। Note: स्वरोजगार शुरू करने के लिए सरकार ने कई योजनाएँ चलाई हैं। जैसे कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जिसमें छोटे उद्यमियों को आसानी से लोन मिलता है।  निष्कर्ष 2025 में स्वरोजगार के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों की कई योजनाएँ उपलब्ध हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। अगर आप स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, तो पहले अपनी आवश्यकता समझें — व्यवसाय का आकार प्रारंभिक पूंजी पात्रता और शर्तें इसके बाद सही योजना चुनकर आवेदन करें।  Disclaimer यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से

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जमा पूँजी पर सबसे अधिक ब्याज देने वाले बैंक

 Fix Deposit Intrest rates| Sabse jaada byaj dene wale bank | Saving Scheme | Interest Rates | Money Saving Ideas | सबसे ज़्यादा ब्याज देने वाले बैंक कौन से है । जमा पूँजी पर सबसे अधिक ब्याज देने वाले बैंक 2025 देश के विभिन्न बड़े और छोटे बैंकों ने अब फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में वृद्धि की है और एफडी पर मिलने वाला सालाना इंटरेस्ट अब 8 से ऊपर तक पहुंच गया है। कुछ बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों को 9 फीसदी तक इंटरेस्ट की पेशकश की है। नई दिल्ली :बैंकों में एफडी और बचत खाता खोलने वाले हर ग्राहक की इच्छा होती है कि उसे उसकी जमा पूंजी पर ज्यादा ब्याज मिले, इसलिए हर व्यक्ति जानने की कोशिश करता है कि देश में कौन-सा बैंक एफडी और अन्य खाताओं पर सबसे अधिक ब्याज देता है. अगर आप भी ऐसे बैंक की खोज में हैं तो हम आपकी इस खोज में मदद कर सकते हैं. RBI द्वारा रेपो रेट में लगातार बढ़ोतरी से ब्याज दरें भी बढ़ी हैं और इसी कारण कई सरकारी और निजी बैंक एफडी और अन्य बचत योजनाओं पर अधिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं। हाल ही में, देश के कई बड़े और छोटे बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ाई हैं और एफडी पर मिलने वाला सालाना इंटरेस्ट अब 8 से ऊपर तक पहुंच गया है. कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 9 फीसदी तक इंटरेस्ट ऑफर कर रहे हैं. इसलिए, आइये जानते हैं उन बैंकों के बारे में जो बचत योजनाओं पर ग्राहकों को सबसे जेयादा ब्याज दे। PPF vs Bank FD: कौन बेहतर है?    स्मॉल फाइनेंस बैंक FD व अन्य योजनाओं पर सबसे अधिक ब्याज देते हैं – सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 8.51% प्रति वर्ष की दर से सबसे ज्यादा इंटरेस्ट देता है। – यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक भी एफडी पर 8.50% प्रति वर्ष के रेट से इंटरेस्ट ऑफर करता है। – DCB बैंक शेड्यूल प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में सबसे ज्यादा ब्याज देने वाला बैंक है, जो 7.85% की दर से ब्याज देता है। – स्मॉल फाइनेंस बैंक बैंकिंग सेक्टर में अग्रणी हैं जब ब्याज देने की बात आती है। Small finance bank FD rates: आपकी जमा पूंजी पर छोटे बैंक अधिक ब्याज देने में आगे You must read इन्स्टग्रैम से पैसे कमाने का 100% फार्मूला फटाफट लोन लेने के फायदे और नुकसान: पढ़ें Instant Loan: loss aur benefit जमा पूँजी पर सबसे अधिक ब्याज देने वाले बैंक – FD पर 9% तक ब्याज देने वाले बैंक भी है पैसा बाज़ार डॉट काम । – सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 8.51 फीसदी ब्याज देता है। – यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 8.50 फीसदी ब्याज देता है। – एबीएम, इक्विटस स्मॉल फाइनेंस बैंक, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 8 फीसदी ब्याज देते हैं। – जन स्मॉल फाइनेंस बैंक और डीसीबी बैंक 7.85 फीसदी तक ब्याज देते हैं। – एयू स्मॉल फ़ाइनैन्स और नोर्थ ईस्ट स्मॉल बैंक FD पर 7.75% तक इंट्रेस्ट देते है । – आरबीएल बैंक 7.55% ब्याज देता है – यस बैंक 7.50% ब्याज देता है – बंधन बैंक 7.50% ब्याज देता है – आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 7.50% ब्याज देता है – शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.50% ब्याज देता है – यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7.30% ब्याज देता है – पंजाब नेशनल बैंक 7.25% ब्याज देता है – इंडसइंड बैंक 7.25% ब्याज देता है – 2 करोड़ से कम के फिक्स्ड डिपॉजिट और अलग-अलग अवधियों पर ये ब्याज दरें लागू हो जाती है । हालांकि, ब्याज की ये दरें 2 करोड़ से कम के फिक्स्ड डिपॉजिट और अलग-अलग अवधियों पर लागू हैं. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 फीसदी से ज्यादा ब्याज ऑफर किया जाता है इसलिए एफडी पर मिलने वाला इंटरेस्ट 9 फीसदी तक हो जाता है। क्रेडिट स्कोर का महत्व: जानें   सर्वश्रेष्ठ FD बैंक: एफडी पर ब्याज की दरें बैंकों में भिन्न स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 6.75%, एचडीएफसी बैंक में 7%, आईसीआईसीआई में 7% आईडीबीआई बैंक में 6.25%, कोटक महिंद्रा बैंक में 7%, कैनरा बैंक में 7%, एक्सिस बैंक में 7%, बैंक ऑफ बड़ौदा में 6.75% और करूर वैश्य बैंक में 7.25% की दर से ब्याज मिलता है। यहां यूको बैंक में 6.50% ब्याज दिया जाता है, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 6.18% ब्याज दिया जाता है, इंडियन बैंक में 6.50% ब्याज दिया जाता है, इंडियन ओवरसीज बैंक में 6.55% ब्याज दिया जाता है, डीबीएस बैंक में 7.25% ब्याज दिया जाता है और एचएसबीसी बैंक में 7% ब्याज ऑफर किया जाता है। छोटे बिजनेस आइडिया Small finance bank FD rate: छोटे बैंक अधिक ब्याज देते हैं देश के सभी प्रमुख बैंकों में सेविंग खातों पर आमतौर पर सामान्य ब्याज दिया जाता है, हालांकि स्मॉल फाइनेंस बैंक इस मामले में आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक सेविंग खातों पर 4 से 7 प्रतिशत तक का ब्याज प्रदान करते हैं। यहां ध्यान देने योग्य है कि यह ब्याज जमा राशि पर भी निर्भर करता है। जमा पूंजी पर सबसे अधिक ब्याज देने वाले बैंक [FAQ] Reserve Bank of India: अधिकृत जानकारी Q. 1. भारत में सबसे अधिक ब्याज दर कौन सा बैंक देता है? Ans. 2025 में कई छोटे वित्तीय बैंक (Small Finance Banks) जैसे Unity Small Finance Bank, Fincare SFB, Jana SFB, और AU Small Finance Bank 7.5% से लेकर 9.5% तक ब्याज दे रहे हैं। Q. 2. क्या सरकारी बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं? Ans. नहीं, आमतौर पर सरकारी बैंक जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda 5.5% से 7.5% तक ही ब्याज देते हैं। लेकिन ये अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। Q. 3. वरिष्ठ नागरिकों (senior citizens) को अधिक ब्याज मिलता है क्या? Ans. हाँ, लगभग सभी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 0.25% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। उदाहरण: अगर आम ग्राहक को 7.5% मिलता है, तो वरिष्ठ नागरिक को 8.25% तक मिल सकता है। Q. 4. क्या अधिक ब्याज वाला बैंक सुरक्षित होता है? Ans. छोटे बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं, लेकिन उनमें थोड़ा जोखिम भी हो सकता है। RBI द्वारा मान्यता प्राप्त और DICGC से बीमित बैंक अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं। Ans. 5. क्या ब्याज

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National Pension scheme 2025

National Pension System 2024 New Pension Scheme National Pension Scheme क्या है? जानें रिटायरमेंट की उम्र में Rs 50 हजार की Pension का लाभ यदि आपकी उम्र 20 या 30 के आसपास है, तो सेवानिवृत्ति आपको बहुत दूर लग सकती है। अधिकांश सहस्राब्दी ऐसे आयोजन के लिए बचत शुरू करने के विचार से सहमत नहीं हैं जो क्षितिज से बहुत दूर है। लेकिन, यदि आप आर्थिक रूप से स्मार्ट और जागरूक हैं, तो आपको एहसास होगा कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, जीवनयापन की लागत बढ़ रही है। आपके जीवन में एक ऐसे चरण के लिए कुछ बचत करना महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप काम नहीं करेंगे और फिर भी आपको खर्चों का ध्यान रखना होगा। यहीं पर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली जैसी सेवानिवृत्ति बचत योजनए आती है।इतिहास में, एनपीएस ब्याज दरें 9% से 12% प्रति वर्ष के बीच उपलब्ध हुई हैं। नेशनल पेंशन योजना क्या है? आपको यह जानने के लिए आइए एनपीएस की ब्याज दर और इस योजना के बारे में वह सब कुछ देखें जो आपको जानना आवश्यक है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है जो आपको अपने जीवन की स्वर्णिम अवधि के लिए बचत करने की अनुमति देती है। यह 18 से 65 वर्ष की आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है और आप 70 वर्ष की आयु तक योगदान जारी रख सकते हैं। एनपीएस में ब्याज दर का क्या रोल होता है? एनपीएस एक बाजार से जुड़ा उत्पाद है जहां आप इक्विटी, कॉर्पोरेट ऋण, सरकारी ऋण और वैकल्पिक परिसंपत्तियों के मिश्रण में रणनीतिक रूप से निवेश कर सकते हैं। जब आप वांछित मिश्रण चुनते हैं और एक फंड मैनेजर चुनते हैं, तो आपका पैसा सक्रिय रूप से इन चार परिसंपत्ति वर्गों के साथ संरेखित विशिष्ट योजनाओं में निवेश किया जाता है। इस तरह, आप प्रभावी ढंग से एनपीएस में निवेश कर सकते हैं और योजना स्तर पर रिटर्न की बारीकी से निगरानी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एनपीएस आपको दो खाते रखने की सुविधा प्रदान करता है – टियर I और टियर II खाता। टियर I और टियर II योजनाओं के लिए अलग-अलग रिटर्न दिखाया गया है। National pension scheme (NPS) के क्या फायदे है? यदि आपका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के लिए बचत करना है, तो एनपीएस एक उत्कृष्ट निवेश योजना है। जब आपका कामकाजी चरण समाप्त हो जाता है, तो इसे आपको वित्तीय सुरक्षा का आनंद लेने के लिए सरकार द्वारा एक शानदार पहल के रूप में प्रदान किया जाता है। एनपीएस वार्षिकी दर क्या होती है? You also read: क्योंकि ये सभी पोस्ट बहुत काम की हैं। Post Office bal jeevan yojna 2024 Battery वाहनों पर लोन Post office monthly income scheme 2024 LIC jeevan Dhara 2 बीमारी के इलाज के लिए लोन (Medical loan)  एनपीएस के ग्राहकों को वार्षिकी सेवा प्रदाता (एएसपी) से प्राप्त होने वाली राशि एक वार्षिकी की राशि होती है। जब आपके राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली खाते की परिपक्वता का समय आता है, तो आपको उस परिपक्वता राशि का प्रतिशत निर्धारित करना होता है जिसे आप वार्षिकी खरीदने के लिए पुनर्निवेश करना चाहते हैं। यदि आप 60 वर्ष या उससे अधिक की उम्र में निकासी करते हैं, तो यह प्रतिशत 40% से कम नहीं हो सकता। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति सेवानिवृत्ति से पहले बाहर निकलता है, तो उसे वार्षिकी खरीदने के लिए संचित राशि का 80% उपयोग करना होगा। इस समय प्रचलित अपेक्षित वार्षिक दर तय करेगी कि आपको कितनी पेंशन मिलेगी| क्या एनपीएस में कोई गारंटीशुदा रिटर्न प्रदान किया गया है? एनपीएस निवेश पर रिटर्न अंतर्निहित परिसंपत्तियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। एनपीएस योजनाओं ने 10 वर्षों में 9%-11% का रिटर्न दिया है। क्या एनपीएस में शामिल होने के बाद ग्राहक एनपीएस प्रणाली में डेटा को बदल/संशोधित कर सकता है? नहीं, एनपीएस एक बाज़ार से जुड़ा उत्पाद है, और रिटर्न अंतर्निहित परिसंपत्तियों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। क्या कोई व्यक्ति एक डुप्लिकेट प्राण कार्ड के लिए अनुरोध कर सकता है? हां, यदि किसी ग्राहक का PRAN कार्ड खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उन्हें डुप्लिकेट PRAN कार्ड के लिए संबंधित POP-SP को विधिवत भरा हुआ S2 फॉर्म जमा करना चाहिए। एक बार अनुरोध संसाधित हो जाने पर, डुप्लिकेट कार्ड ग्राहक के पंजीकृत पते पर भेज दिया जाता है। आंशिक निकासी के लिए ग्राहक को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा: 1. पूरी सदस्यता अवधि के दौरान 3 से अधिक निकासी नहीं हो सकती हैं।2. ग्राहक को कम से कम 3 साल तक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में रहना चाहिए।3. निकासी राशि ग्राहक द्वारा किए गए योगदान का 25% से अधिक नहीं हो सकती।4. निकासी की अनुमति केवल विशेष कारणों से दी जाती है जैसे:   – गंभीर बीमारी का इलाज   – बच्चों का विवाह   – बच्चों की उच्च शिक्षा   – आवासीय घर की खरीद या पुनर्निर्माण (निर्दिष्ट शर्तों में) एनपीएस में यदि कोई ग्राहक जल्दी रिटायर हो जाए तो क्या होगा? यदि किसी ग्राहक को सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंचने से पहले राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से बाहर निकलना पड़ता है, तो उसे अपनी संचित पेंशन संपत्ति का 80% उपयोग करके वार्षिकी खरीदनी होगी और शेष 20% को एकमुश्त के रूप में निकालना होगा। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) के तहत विड्रॉल के नए नियम पेश किए हैं, जो 1 फरवरी 2024 से लागू कर दिए जाएंगे. इसके अनुसार, यदि आपके नाम पर पहले से एक घर मौजूद है, तो आपको एनपीएस अकाउंट से आंशिक विड्रॉल की अनुमति नहीं होगी. बजट 2024 में NPS में कुछ बदलाव किए है, जो 1 feb. से लागू होगे| NPS एक लॉन्ग टर्म पेंशन स्कीम है, जो रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि और पेंशन का लाभ प्रदान करती है. इसके तहत रिटायरमेंट पर बड़ा कॉर्पस पैदा किया जा सकता है. कॉर्पस की मात्रा निवेश की गई राशि और निवेश के समय पर निर्भर करेगी. इसलिए, जल्दी निकासी के लिए कुछ सख्त नियम बनाए गए है। यदि आपके नाम पर पहले से एक घर मौजूद है, तो आपको एनपीएस अकाउंट से आंशिक विड्रॉल की अनुमति नहीं होगी. यह नया नियम 1 फरवरी 2024 से लागू होगा. इसका मकसद यह है कि लोग अपने निवेश को लंबे समय तक बनाए रखें और रिटायरमेंट के समय एक बड़ी राशि प्राप्त करें.

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0Post Office Saving Schemes 2025 डाकघर बचत योजनाएँ 2025 – सुरक्षित निवेश विकल्प Investment Options: रिटायरमेंट के बाद जमा पूंजी को सुरक्षित विकल्‍प में निवेश करना एक बड़ी चिंता होती है. रिटायरमेंट के बाद की उम्र ऐसी होती है, जहां निवेशक कंजर्वेटिव हो जाता है और बाजार का रिस्‍क लेने के मूड में नहीं होता है. रिटायरमेंट के बाद जमा पूंजी को सुरक्षित विकल्प में निवेश करना एक बड़ी चिंता होती है। रिटायरमेंट के बाद की उम्र ऐसी होती है, जहां निवेशक कंजर्वेटिव हो जाता है और बाजार का रिस्क लेने के मूड में नहीं होता है। विशेषज्ञ भी 55 साल के बाद निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों विशेषरूप से निवेश के परंपरागत साधनों (पोस्ट ऑफिस सेविंग्स) या डेट में निवेश की सलाह देते हैं। अगर आप भी कोई ऐसा ही विकल्प खोज रहे हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग्स स्कीम मंथली इनकम स्कीम बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें आपकी जमा रकम सुरक्षित रहेगी, वहीं इसके जरिए आपकी इनकम होती रहेगी | Small business ideas छोटे व्यापार करें मुनाफा ज्यादा होगा Post Office Saving Schemes Comparison 2025 योजना ब्याज दर (वार्षिक) न्यूनतम निवेश अवधि / लॉक-इन Monthly Income Scheme (MIS) 7.4% ₹1,000 5 वर्ष Recurring Deposit (RD) 6.7% approx ₹10 प्रति दिन या मासिक 5 वर्ष Time Deposit (TD) – 5 वर्ष 7.5% approx ₹1,000 5 वर्ष Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) 8.2% ₹1,000 5 वर्ष  ब्याज में बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2023 से पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) के तहत डिपॉजिट लिमिट बढ़ गई है और इसके साथ ही ब्याज दर भी बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने इस साल के बजट में POMIS के लिए जमा की जा सकने वाली अधिकतम लिमिट को 15 लाख रुपये तक बढ़ाया है। अब सिंगल अकाउंट के जरिए 9 लाख रुपये और ज्वॉइंट अकाउंट के जरिए 15 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। पहले यह लिमिट 4.50 लाख और 9 लाख रुपये थी। इसके साथ ही, 1 अप्रैल 2023 से इस पर ब्याज दर भी 7.4 फीसदी हो गई है। इस अकाउंट को खोलने के लिए कम से कम 1000 रुपये का निवेश आवश्यक है और इसके बाद 1000 रु multipal में add हो जाता है। पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम में सालाना ब्‍याज दर 7.4 फीसदी है। इसमें जमा किए गए पैसों पर ब्‍याज को 12 हिस्‍सों में बांट दिया जाता है और यह ब्‍याज आपके अकाउंट में जमा हो जाता है। अगर आप ब्‍याज का पैसा निकालने की कोशिश नहीं करते हैं, तो यह पैसा आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में रहेगा। जब आपकी स्‍कीम मैच्‍योर हो जाती है, तो मूलधन के साथ ब्‍याज का पैसा आपको मिल जाता है। इस स्‍कीम की मैच्‍योरिटी 5 साल होती है, लेकिन 5 साल बाद नए ब्‍याज दर के हिसाब से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। अगर आप नहीं चाहते कि आपको इस योजना में नही रहना है तो आपको पैसा वापिस मिल जायेगा| – अगर आपके पास single account है, तो आपको 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर मिलेगी। – आपका अधिकतम निवेश 9 लाख रुपये हो सकता है। – आपको सालाना 66,600 रुपये का ब्याज मिलेगा। – आपको मासिक 5550 रुपये का ब्याज मिलेगा। – यहाँ दिए गए आंकड़े अद्यतित हैं। – जब ज्वॉइंट अकाउंट होता है, तो ब्याज दर 7.4 फीसदी सालाना होती है। – ज्वॉइंट अकाउंट से अधिकतम निवेश की सीमा 15 लाख रुपये होती है। – सालाना ब्याज की राशि 1,11,000 रुपये होती है। – मंथली ब्याज की राशि 9250 रुपये होती है। – यहां दिए गए विवरण को अपनी जरूरतों के अनुसार बदल सकते हैं। अकाउंट को कौन और कैसे खोल सकता है? इसका जवाब निम्नलिखित तरीके से दिया जा सकता है: 1. एडल्ट के नाम से सिंगल अकाउंट: एक वयस्क व्यक्ति अपने नाम से एक सिंगल अकाउंट खोल सकता है। 2. ज्वॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 एडल्ट मिलकर) (ज्वॉइंट A या ज्वॉइंट B): तीन वयस्क व्यक्ति मिलकर एक ज्वॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं, जो ज्वॉइंट A या ज्वॉइंट B के रूप में जाना जाता है। 3. माइनर के नाम पर उसका गार्जियन अकाउंट खोल सकता है: एक 10 साल के माइनर के नाम से उसका गार्जियन अकाउंट खोल सकता है। यह सूचना इंडिया पोस्ट और कैलकुलेटर से प्राप्त है। Disclaimer: Post Office की अधिक से अधिक सेविंग scheme के बारे में पूरी जानकारी के लिए इंडिया पोस्ट की अधिकृत वेबसाइट पर विजिट करें। क्योंकि हमने इस आर्टिकल में जितनी भी जानकारी जुटाई है वो हमने लिख दी है जो अधूरी भी हो सकती है। धन्यवाद| Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) Senior Citizen Savings Scheme विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए है। वर्तमान में इस योजना पर लगभग 8.2% वार्षिक ब्याज मिलता है जो तिमाही आधार पर आपके खाते में जमा होता है। न्यूनतम निवेश ₹1,000 और अधिकतम निवेश ₹30 लाख तक हो सकता है। यह योजना 5 साल की अवधि के लिए होती है और एक बार 3 साल के लिए बढ़ाई जा सकती है। SCSS पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है लेकिन Section 80C में ₹1.5 लाख तक की छूट मिल सकती है। National Savings Certificate (NSC) NSC एक सुरक्षित और निश्चित आय वाली योजना है। वर्तमान ब्याज दर लगभग 7.7% प्रति वर्ष है और यह कंपाउंड होकर 5 साल बाद मैच्योर होती है। न्यूनतम निवेश ₹1,000 है और कोई अधिकतम सीमा नहीं है। NSC पर मिलने वाला ब्याज हर साल आपके निवेश में जुड़ जाता है और उस पर भी ब्याज मिलता है। NSC में किया गया निवेश Section 80C के अंतर्गत टैक्स डिडक्शन के योग्य है। Public Provident Fund (PPF) PPF सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश योजनाओं में से एक है। वर्तमान ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष है। इसमें न्यूनतम निवेश ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वित्तीय वर्ष किया जा सकता है। PPF का लॉक-इन पीरियड 15 वर्ष है लेकिन 7वें वर्ष के बाद आंशिक निकासी संभव है। इस योजना में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट – तीनों पूरी तरह टैक्स-फ्री होते हैं (EEE category)। ब्याज गणना का उदाहरण मान लीजिए आपने PPF में हर साल ₹1.5 लाख निवेश किया। 15 साल बाद 7.1% ब्याज दर पर

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