भारत में विदेशी इलेक्ट्रिक स्कूटर की सच्चाई – लोग क्यों पछता रहे हैं?
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जानिए असली वजह – खरीदने से पहले ज़रूर पढ़ें!
आज भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर जबरदस्त प्रचार हो रहा है।
टीवी, सोशल मीडिया और विज्ञापनों में बताया जाता है कि यह सस्ता, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य का वाहन है।
लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है।
बहुत से लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के बाद आज पछता रहे हैं।
इस लेख में हम आपको वास्तविक समस्याएँ, सच्चाई और ज़मीनी अनुभव बताएँगे।
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर की लोकप्रियता क्यों बढ़ी?
- पेट्रोल की बढ़ती कीमतें
- सरकारी सब्सिडी
- कम खर्च का दावा
- पर्यावरण संरक्षण की सोच
इन कारणों से लोगों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना शुरू किया।
लेकिन समय के साथ कई समस्याएँ सामने आने लगीं।
1. सर्विस सेंटर की बड़ी समस्या
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के बाद सबसे बड़ी परेशानी होती है — सर्विस सेंटर।
- छोटे शहरों में सर्विस सेंटर बहुत कम हैं
- कई बार अपॉइंटमेंट मिलने में हफ्तों लग जाते हैं
- इमरजेंसी में कोई तुरंत सहायता नहीं मिलती
जबकि पेट्रोल स्कूटर की सर्विस लगभग हर गली में हो जाती है।
2. लोकल मैकेनिक को जानकारी नहीं होती

इलेक्ट्रिक स्कूटर का सिस्टम अलग होता है —
जैसे बैटरी, कंट्रोलर और सॉफ्टवेयर।
- आम मैकेनिक इसे ठीक नहीं कर पाते
- कई बार गलती से और नुकसान हो जाता है
- मजबूरी में कंपनी के सर्विस सेंटर पर जाना पड़ता है
3. स्पेयर पार्ट्स आने में बहुत समय लगता है
यह एक बहुत बड़ी समस्या है।
- कई बार पार्ट्स बाहर से मंगाए जाते हैं
- 10–20 दिन तक स्कूटर खड़ा रहता है
- रोज़ाना इस्तेमाल करने वालों को परेशानी होती है
4. पेट्रोल स्कूटर हर जगह ठीक हो जाता है
पेट्रोल स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत है:
- हर जगह मैकेनिक उपलब्ध
- सस्ता और जल्दी रिपेयर
- पार्ट्स आसानी से मिल जाते हैं
इसी वजह से आज भी बहुत से लोग पेट्रोल स्कूटर को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं।
5. शिकायत सुनने वाला कोई नहीं
कई ग्राहकों का कहना है कि:
- कॉल करने पर कोई जवाब नहीं देता
- सर्विस सेंटर जिम्मेदारी नहीं लेता
- शिकायत का समाधान नहीं होता
इससे ग्राहक मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
6. सर्विस सेंटर दूर होने से परेशानी

ग्रामीण और छोटे शहरों में:
- सर्विस सेंटर 40–60 किलोमीटर दूर होते हैं
- बार-बार जाना संभव नहीं
- समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं
फिर भी लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर क्यों लेते हैं?
कुछ लोग इन कारणों से संतुष्ट भी हैं:
✔ रोज़ाना कम दूरी तय करते हैं
✔ घर पर चार्जिंग सुविधा है
✔ पेट्रोल खर्च से बचना चाहते हैं
ऐसे लोगों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर ठीक हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय
“इलेक्ट्रिक स्कूटर भविष्य है, लेकिन भारत में अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।”
जब तक:
- चार्जिंग नेटवर्क मजबूत न हो
- सर्विस बेहतर न हो
- स्पेयर पार्ट्स आसानी से न मिलें
तब तक सावधानी ज़रूरी है।
पैसा कहाँ लगाना बेहतर है?
अगर आप सोच रहे हैं कि पैसा कहाँ लगाएँ, तो ये विकल्प देखें:
Small Business Ideas 2025
https://www.setmoneyinvest.com/small-business-ideas-2025/
12 महीने चलने वाले बिजनेस
https://www.setmoneyinvest.com/12-mahine-chalne-wale-business/
शेयर मार्केट सीखने का समय
https://www.setmoneyinvest.com/share-market-seekhne-ka-samay/
लोगों का अनुभव क्या कहता है?
कई लोगों ने बताया है कि शुरू में उन्हें electric scooter काफी अच्छा लगा,
लेकिन 6–8 महीने बाद कुछ समस्याएं सामने आईं।
कुछ users का कहना है कि:
- बैटरी जल्दी कमजोर हो गई
- सर्विस सेंटर से सही जवाब नहीं मिला
- छोटे शहरों में पार्ट्स मिलना मुश्किल हुआ
हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रोज़ कम दूरी तय करते हैं और संतुष्ट हैं।
यानी अनुभव व्यक्ति की जरूरत पर निर्भर करता है।
Comparison Table
Electric Scooter vs Petrol Scooter
| Point | Electric Scooter | Petrol Scooter |
|---|---|---|
| खर्च | कम | ज्यादा |
| सर्विस | सीमित | हर जगह |
| पार्ट्स | देर से मिलते हैं | तुरंत मिलते हैं |
| मेंटेनेंस | कम बताया जाता है | सामान्य |
| लंबी दूरी | कमजोर | बेहतर |
3. “किनके लिए सही है (Target Audience Section)
Electric Scooter सही है अगर:
- आप रोज़ 10–15 km ही चलते हैं
- घर में चार्जिंग सुविधा है
- शहर में रहते हैं
सही नहीं है अगर:
- आप गांव में रहते हैं
- रोज़ 50+ km चलाना पड़ता है
- सर्विस सेंटर दूर है
Expert opnion-
“भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर भविष्य है, लेकिन अभी यह हर किसी के लिए नहीं है।”
Q. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना गलत है?
नहीं, लेकिन बिना जानकारी के खरीदना नुकसानदेह हो सकता है।
Q. क्या सभी कंपनियों में यही समस्या है?
नहीं, लेकिन कई नई कंपनियों में ये दिक्कतें देखी गई हैं।
Q. क्या भविष्य में हालात सुधरेंगे?
हाँ, लेकिन इसमें समय लगेगा।
निष्कर्ष:
अगर आप सिर्फ ट्रेंड देखकर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद रहे हैं,
तो रुकिए।
पहले ये समझिए:
✔ आपकी जरूरत क्या है
✔ आपके आसपास सर्विस है या नहीं
✔ खर्च उठाना संभव है या नहीं
सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला ही सही होता है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है।
किसी भी कंपनी या ब्रांड को बदनाम करना हमारा उद्देश्य नहीं है।
खरीदने से पहले स्वयं पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
