India vs Australia Memorable Matches- वो रोमांचक पल जब क्रिकेट में इतिहास लिखा गया

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच की भिड़ंत सिर्फ एक क्रिकेट सीरीज़ नहीं होती, बल्कि जुनून, जोश और जज़्बे की लड़ाई होती है।
दोनों देशों की टीमें जब मैदान पर उतरती हैं, तो दुनिया की निगाहें सिर्फ वहीं टिक जाती हैं।
“India vs Australia memorable matches” की बात करें तो ऐसे कई पल हैं जिन्होंने क्रिकेट प्रेमियों के दिल में अमिट छाप छोड़ी है।
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जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में धूल चटाई
भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया की सरज़मीन पर जीत दर्ज करना कभी आसान नहीं था।
लेकिन कुछ मुकाबले ऐसे रहे जिन्होंने यह साबित किया कि भारतीय टीम अब किसी भी परिस्थिति में जीत सकती है।
🏆 1. ब्रिस्बेन का गाबा टेस्ट – 2021 (The Gabba Fortress Broken)
- तारीख: जनवरी 2021
- परिणाम: भारत 3 विकेट से जीता
- श्रृंखला: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2020-21
32 साल से गाबा में ऑस्ट्रेलिया को कोई हरा नहीं सका था।
लेकिन टीम इंडिया ने अपनी युवा टीम के साथ वह करिश्मा कर दिखाया।
ऋषभ पंत, शुभमन गिल और वॉशिंगटन सुंदर ने ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई।
यह जीत सिर्फ क्रिकेट नहीं, अविश्वसनीय साहस की कहानी बन गई।
🏏 2. कोलकाता टेस्ट 2001 – फॉलो-ऑन के बाद चमत्कारी वापसी
- मैदान: ईडन गार्डन, कोलकाता
- परिणाम: भारत 171 रन से जीता
- श्रृंखला: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलो-ऑन दिया, और सबको लगा मैच खत्म हो गया।
लेकिन फिर आया जादू — वी.वी.एस. लक्ष्मण (281 रन) और राहुल द्रविड़ (180 रन) ने 376 रनों की साझेदारी कर दी।
उसके बाद हरभजन सिंह की गेंदबाज़ी ने कंगारुओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास के टॉप 5 टेस्ट मैचों में गिना जाता है।
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3. एडिलेड टेस्ट 2003 – द्रविड़ और अग़रकर की जोड़ी
भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराकर चौंका दिया था।
राहुल द्रविड़ ने 233 और 72 नाबाद रनों की पारी खेलकर भारत को शानदार जीत दिलाई।
यह जीत दिखाती है कि भारत अब विदेशों में भी शांत और रणनीतिक क्रिकेट खेल सकता है।
जब ऑस्ट्रेलिया पर लगे “Cheating” के आरोप

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की छवि हमेशा “टफ और आक्रामक” रही है,
लेकिन कई बार मैदान पर उनके खिलाड़ियों पर cheating या gamesmanship के आरोप लगे हैं।
🧤 1. सैंडपेपर स्कैंडल – 2018
- खिलाड़ी: स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, कैमरून बैनक्रॉफ्ट
- घटना: बॉल टेम्परिंग (Ball Tampering)
- मैदान: केपटाउन टेस्ट (दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया)
हालांकि यह भारत के खिलाफ नहीं था,
लेकिन इसके बाद भारत दौरे पर आने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की छवि पर गहरा असर पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया को पूरी दुनिया से आलोचना झेलनी पड़ी।
2. 2008 — “सिडनी टेस्ट विवाद” ( ScandaMonkeygatel)

- खिलाड़ी: हरभजन सिंह बनाम एंड्रयू साइमंड्स
- घटना: नस्लभेद का आरोप (Racism Allegation)
यह मामला क्रिकेट के इतिहास में सबसे विवादास्पद घटनाओं में से एक बन गया।
ऑस्ट्रेलिया ने हरभजन सिंह पर नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप लगाया,
लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में हरभजन निर्दोष साबित हुए।
इस घटना ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में तनाव और दर्शकों में गुस्सा पैदा किया।
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भारत के कई ऐसे क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर
अपनी बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और आत्मविश्वास से इतिहास रचा है।
🏏 1. राहुल द्रविड़ – The Wall of Adelaide
द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विदेश में सबसे सधी हुई पारियाँ खेलीं।
उनकी तकनीक और धैर्य ने कई मैचों में भारत को जीत दिलाई।
🏏 2. वीरेंद्र सहवाग – Fearless Opener

सहवाग ने 2008 पर्थ टेस्ट में 151 रन ठोके और दिखा दिया कि आक्रामकता ही भारत की नई पहचान है।
3. अजिंक्य रहाणे – Calm Captain at Melbourne
2020-21 सीरीज़ में विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने कप्तानी संभाली
और मेलबर्न टेस्ट में शतक लगाकर भारत को सीरीज़ में वापस लाया।
4. ऋषभ पंत – The Match Finisher
पंत ने गाबा टेस्ट में 89 नाबाद रनों की पारी खेलकर
ऑस्ट्रेलिया की 32 साल पुरानी बादशाहत तोड़ दी।
5. जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज – Pace Attack का कमाल
इन दोनों गेंदबाज़ों ने ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर तेज़ गेंदबाज़ी का नया अध्याय लिखा।
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“ऑस्ट्रेलिया में सचिन से छेड़खानी और सचिन का करारा जवाब”
“The Master’s Revenge”

क्रिकेट इतिहास में कुछ rivalries ऐसी हैं जो कभी पुरानी नहीं होतीं
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया उनमें सबसे ऊपर है।
और जब बात आती है सचिन तेंदुलकर की,
तो यह rivalry एक महागाथा बन जाती है।
सचिन को हमेशा “Australia’s most feared batsman” कहा गया,
क्योंकि जब बाकी बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलियाई बाउंसर्स और sledging से डरते थे,
सचिन वहीं मुस्कराकर जवाब देते थे – बल्ले से।
जब ऑस्ट्रेलिया ने सचिन को उकसाने की कोशिश की
ऑस्ट्रेलियाई टीम का अंदाज़ हमेशा आक्रामक रहा है।
वे विरोधी खिलाड़ियों को sledging (मौखिक छेड़खानी) से परेशान करने की कोशिश करते थे।
सचिन भी कई बार इस मानसिक खेल का निशाना बने।
1999–2000: ऑस्ट्रेलिया का दौरा – जब मैक्ग्रा और वार्न ने उकसाया
सिडनी और मेलबर्न में खेले गए मैचों में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने
सचिन को “You can’t play the short ball!” जैसी बातें कहकर उकसाया।
लेकिन सचिन ने किसी को जवाब नहीं दिया —
वह चुपचाप अगले मैच में उतरे और गेंद से जवाब दिया।
सचिन का करारा जवाब — “Perth और Sydney की पारी जिसने सबका मुंह बंद किया”
1. Perth Test, 1992 — Teenager ने तोड़ दी ऑस्ट्रेलिया की अकड़
- उम्र: सिर्फ 19 साल
- पिच: तेज़ और उछाल भरी
- गेंदबाज़: मर्व ह्यूज, क्रेग मैकडरमोट, ब्रूस रीड
Perth की पिच हमेशा विदेशी बल्लेबाज़ों के लिए दुःस्वप्न रही है।
लेकिन सचिन ने वहां 114 रन की शानदार पारी खेली।
उनके सामने लगातार बाउंसर फेंके गए, sledging हुई —
पर सचिन ने हर बाउंसर को “pull shot” और “cut” से मैदान के बाहर भेज दिया।
💬 मर्व ह्यूज ने बाद में कहा था —
“That kid can bat better than most of our seniors!”
2. Sharjah Desert Storm – 1998 की ऐतिहासिक पारी
- टूर्नामेंट: कोका-कोला कप (India, Australia, New Zealand)
- तारीख: 22 अप्रैल 1998
- मैच: India vs Australia
- परिणाम: भारत फाइनल में पहुँचा और फिर जीता
Sharjah की गर्म हवाओं के बीच आई “Desert Storm” सचिन की batting जैसी ही थी।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ शेन वॉर्न, फ्लेमिंग और कस्प्रोविज़ ने उन्हें बार-बार उकसाया।
सचिन गुस्से में नहीं आए — बस अपने बल्ले से जवाब दिया।
उन्होंने 143 रन ठोके —
वो भी तब जब हवा में रेत उड़ रही थी और ऑस्ट्रेलिया के बॉलर हांफ रहे थे।
अगले ही दिन फाइनल में फिर शतक (134) —
और भारत ने ट्रॉफी जीती।
🗣️ शेन वॉर्न बोले थे —
“I still see Sachin in my nightmares.”
(मुझे आज भी सपनों में सचिन दिखते हैं!)
3. 2003 World Cup – ऑस्ट्रेलिया को मिला सचिन का तूफानी जवाब
- मैच: India vs Pakistan (Semifinal के पहले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया लीग मैच)
- परिणाम: भारत ने मैच जीता
- सचिन का स्कोर: 98 रन (75 गेंदों में)
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज़ ब्रेट ली और ग्लेन मैक्ग्रा ने
सचिन को लगातार “chirp” करते हुए कहा —
“Try hitting this one!”
सचिन ने अगली गेंद पर पुल-शॉट लगाकर स्ट्रेट boundary पार कर दी।
उसके बाद भारत ने मैच जीता और फाइनल में जगह बनाई।
पूरी दुनिया ने देखा — “Master Blaster” को उकसाना कितना महंगा पड़ता है।
सचिन vs शेन वॉर्न – एक ऐतिहासिक Rivalry
1998 में जब ऑस्ट्रेलिया भारत आई,
तो हर किसी को बस एक चीज़ का इंतज़ार था —
“Warne vs Tendulkar” battle.
चेन्नई टेस्ट में शेन वॉर्न को सचिन ने ऐसे खेला
जैसे वह नेट प्रैक्टिस कर रहे हों।
वॉर्न की leg-spin को उन्होंने
स्ट्रेट और मिडविकेट पर उछालते हुए कई बार boundary के पार भेजा।
शेन वॉर्न ने बाद में कहा —
“सचिन के खिलाफ गेंदबाज़ी करना सबसे मुश्किल काम था।
वो आपको आपके ही गेंद से जवाब देता था।”
जब सचिन बोले – “I let my bat do the talking”
सचिन तेंदुलकर ने कभी भी मैदान पर बहस नहीं की,
कभी भी sledging का जवाब शब्दों से नहीं दिया।
उनका एक ही मंत्र था —
“I let my bat do the talking.”
और सच में, उनका बल्ला इतना ज़ोर से बोलता था
कि पूरी दुनिया सुनती थी।
संवेदना:
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत के लिए यह एक गहरा सदमा है कि महान स्पिन गेंदबाज शेन वॉर्न (Shane Warne) अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने अपनी जादुई लेग स्पिन से पूरी दुनिया को चकित कर दिया था। वॉर्न न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी थे बल्कि मैदान पर उनकी रणनीतिक सोच और जुनून ने क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। उनके निधन से क्रिकेट जगत ने एक सच्चा “स्पिन का जादूगर” खो दिया है। दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी आज उन्हें याद कर रहे हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले। 🙏
Sachin vs Australia – Career Highlights
| वर्ष | स्थान | प्रारूप | स्कोर | परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| 1992 | Perth | टेस्ट | 114 | भारत ने मुकाबला बचाया |
| 1998 | Sharjah | ODI | 143 & 134 | भारत ने ट्रॉफी जीती |
| 2001 | Chennai | टेस्ट | 126 | भारत ने 2-1 से सीरीज़ जीती |
| 2003 | Centurion | विश्वकप | 98 | भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया |
| 2008 | Sydney | टेस्ट | 154* | विवादों के बीच भारत की मजबूत वापसी |
ऑस्ट्रेलिया की छेड़खानी और मानसिक खेल
ऑस्ट्रेलिया की टीम हमेशा “Mind Games” खेलती रही है।
उनका मानना था कि अगर सामने वाला खिलाड़ी मानसिक रूप से टूट गया,
तो मैच आसान हो जाएगा।
लेकिन सचिन तेंदुलकर के सामने उनकी ये चालें कभी काम नहीं आईं।
सचिन मैदान पर zen-like calmness लेकर उतरते थे।
उनकी हर पारी उनके संयम और आत्मविश्वास की मिसाल थी।
सचिन के जवाब ने बदला भारत का रवैया
90 के दशक में भारतीय टीम
अक्सर विदेशी धरती पर दबाव में आ जाती थी।
लेकिन सचिन ने दिखाया कि
“सम्मान मांगने की नहीं, कमाने की चीज़ है।”
उनकी fearless batting ने
नई पीढ़ी — द्रविड़, सहवाग, गांगुली और युवराज — को सिखाया
कि ऑस्ट्रेलिया को हराना अब सपना नहीं, हकीकत है।
सचिन तेंदुलकर की ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाज़ी सिर्फ रन बनाने की कहानी नहीं,
बल्कि गर्व, संयम और सम्मान की कहानी है।
जब ऑस्ट्रेलिया ने छेड़खानी की,
तो सचिन ने बल्ले से जवाब दिया —
ऐसा जवाब जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा गूंजता रहेगा।
“When Australia tried to sledge Sachin,
he replied with centuries —
Border-Gavaskar Trophy — Rivalry का दूसरा नाम
यह सीरीज़ सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि दो क्रिकेट महाशक्तियों की प्रतिष्ठा की जंग है।
1996 से शुरू हुई यह ट्रॉफी अब तक कई यादगार लम्हे दे चुकी है।
| वर्ष | स्थान | विजेता टीम | यादगार पल |
|---|---|---|---|
| 2001 | भारत | भारत | कोलकाता टेस्ट की ऐतिहासिक वापसी |
| 2004 | ऑस्ट्रेलिया | ऑस्ट्रेलिया | गिलक्रिस्ट और लांगर की साझेदारी |
| 2018-19 | ऑस्ट्रेलिया | भारत | पहली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज़ जीती |
| 2020-21 | ऑस्ट्रेलिया | भारत | गाबा की महान जीत |
| 2023 | भारत | भारत | घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन |
रोमांच, विवाद और गौरव — India vs Australia की Rivalry अमर है
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हर सीरीज़ में कुछ नया होता है —
कभी मैदान पर जुबानी जंग, तो कभी अविश्वसनीय जीत।
लेकिन एक बात हमेशा कायम रहती है —
“इस Rivalry में हारने वाला कोई नहीं होता,
क्योंकि हर मैच नया इतिहास बनाता है।”
Conclusion
सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया की कहानी सिर्फ रन और रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि सहनशीलता, धैर्य और जवाब देने की कला की भी है।
जब भी ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें उकसाने की कोशिश की — चाहे वह sledging हो या मैदान पर दबाव बनाना — सचिन ने हमेशा अपने बल्ले से जवाब दिया।
Sharjah का “Desert Storm”, Sydney का “Masterclass” और Melbourne की पारियां आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अमर हैं।
सचिन ने यह साबित कर दिया कि “खेल में असली जवाब शब्दों से नहीं, प्रदर्शन से दिया जाता है।”
ऑस्ट्रेलिया और भारत के क्रिकेट मुकाबलों का official record आप ICC की वेबसाइट पर देख सकते हैं।”
https://www.icc-cricket.com
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है।
इसमें दी गई घटनाएं क्रिकेट इतिहास में दर्ज तथ्यों और खिलाड़ियों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं।
हम किसी खिलाड़ी या देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं रखते।
यदि किसी को सामग्री से आपत्ति हो, तो कृपया संपर्क करें — हम आवश्यक सुधार करने के लिए सदैव तत्पर हैं।
(FAQ) सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया की Rivalry पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. ऑस्ट्रेलिया ने सचिन से कब-कब छेड़खानी की?
ऑस्ट्रेलिया ने कई बार सचिन को sledging के ज़रिए उकसाया — जैसे 1992 के Perth Test में, 1998 के Sharjah Cup में और 2001 के भारत दौरे पर।
2. सचिन ने ऑस्ट्रेलिया को सबसे करारा जवाब कब दिया?
Sharjah Desert Storm (1998) में सचिन ने लगातार दो शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जवाब दिया। यह मैच क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार जीतों में गिना जाता है।
3. सचिन और शेन वॉर्न की Rivalry क्यों मशहूर है?
शेन वॉर्न को सचिन ने कई बार मैदान पर मात दी। खासकर 1998 के चेन्नई टेस्ट में उन्होंने वॉर्न की गेंदों को लगातार बाउंड्री के पार भेजा।
4. क्या सचिन ने कभी ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाया?
हाँ, सचिन ने ऑस्ट्रेलिया में कई शतक लगाए — जिनमें Perth (1992), Sydney (2008) और Melbourne (1999) की पारियां बेहद प्रसिद्ध हैं।
5. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने सचिन के बारे में क्या कहा?
शेन वॉर्न ने कहा था — “मुझे आज भी सपनों में सचिन दिखते हैं।” वहीं मैक्ग्रा और पोंटिंग ने सचिन को “The most complete batsman” कहा।

